Delhi Crime: राष्ट्रीय राजधानी का दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस में देर रात की सैर 36 साल के एक व्यवसायी के लिए जानलेवा साबित हुई। एक कंपनी के प्रतिनिधियों ने कहासुनी के बाद कथित तौर पर हेलमेट से व्यवसायी के सिर पर कई वार किये, जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गया और कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई।
इकलौते बेटे शिवम गुप्ता की मौत ने उसके परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है और वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर का निवासी शिवम दो जनवरी को अपने एक दोस्त के साथ मध्य दिल्ली के व्यावसायिक केंद्र कनॉट प्लेस में एक पार्टी में गया था।
रेस्तरां से बाहर निकलने पर उसने राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के पास ई ब्लॉक के नजदीक कंपनी के एक प्रतिनिधि से पानी मांगा, इस दौरान दोनों के बीच कहासुनी हो गई। उन्होंने बताया कि इसके बाद कंपनी के प्रतिनिधि ने उसे हेलमेट से मारा और उसके दो साथियों (कंपनी के प्रतिनिधि) ने उसे घूंसे मारे और पैर से मारा। Delhi Crime
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तीन जनवरी की रात करीब 1:30 बजे पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को जानकारी मिली कि सड़क पर एक घायल व्यक्ति बेहोश पड़ा है और और उसके शरीर से खून बह रहा है। शिवम को तुरंत निकटवर्ती लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसके शरीर में कई जगह खून के थक्के पाए और कहा कि वो बयान देने की हालत में नहीं है।
शिवम के पिता अनिल कांत गुप्ता ने बताया कि उनका बेटा दो जनवरी की शाम को एक पार्टी में शामिल होने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। शोक संतप्त पिता ने कहा, “मैं उसे लगातार फोन करता रहा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। कुछ समय बाद मुझे पुलिस ने बताया कि मेरे बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।’’ Delhi Crime
उन्होंने बताया कि उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे। पिता ने कहा, ‘‘जब हम अस्पताल पहुंचे तो उसकी हालत चिंताजनक थी। वो खून की उल्टी कर रहा था और कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा था। हमने चिकित्सकों से बेहतर इलाज के लिए उसे दूसरे अस्पताल में भेजने का अनुरोध किया।” बाद में चिकित्सकों के दल ने उसे तत्काल विशेष देखभाल के लिए स्थानांतरित करने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि शिवम को चार जनवरी को राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया और पांच जनवरी को उसकी सर्जरी हुई।
उसके पिता ने कहा, ‘‘चिकित्सकों ने हमें साफ-साफ बताया कि चोटें जानलेवा हैं और तत्काल ऑपरेशन करना जरूरी है। ऑपरेशन के बाद हमें बताया गया कि ठीक होने के लिए अगले 36 से 72 घंटे महत्वपूर्ण होंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘कुछ समय के लिए उसमें सुधार के लक्षण दिखाई दिए। चिकित्सकों के बुलाने पर वो प्रतिक्रिया दे रहा था। हमें उम्मीद थी, लेकिन 19 जनवरी को वो हमें छोड़कर चला गया।’’
पहाड़गंज इलाके में दो दुकानों के मालिक 61 साल के गुप्ता ने कहा कि शिवम उनका इकलौता बेटा था और परिवार का एकमात्र सहारा था। गुप्ता ने ये भी कहा कि उन्होंने खुद थाने पहुंचकर घटना के सीसीटीवी फुटेज को देखा, जिसमें उनका बेटा जमीन पर लेटा हुआ था और उसका दोस्त उसके पास खड़ा था। Delhi Crime
गुप्ता ने आरोप लगाया, “मैंने पुलिस के साथ मिलकर घटना के कई सीसीटीवी फुटेज देखे। पुलिस ने मुझे बताया कि मेरे बेटे ने कंपनी के प्रतिनिधियों से पानी मांगा, तभी उनमें से एक से उसकी कहासुनी हो गई। गुस्से में आकर उसने बार-बार मेरे बेटे के सिर पर हेलमेट मारा। वो बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा और उसके साथ गया उसका दोस्त उसके पास ही खड़ा था। मुझे समझ नहीं आता कि उसने हमें इस पूरी घटना की जानकारी क्यों नहीं दी।”
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पुलिस ने पार्किंग क्षेत्र के पास घटनास्थल का निरीक्षण किया और वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की। घटनास्थल से खून से सने नमूने जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए, जबकि जांच के तहत पास के नियंत्रण कक्ष के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए।
जांचकर्ताओं ने बताया कि चिकित्सीय जानकारी और गवाहों के बयानों के सामने आने से मामले में प्रगति हुई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता की धारा 110 (गैर इरादतन हत्या) और धारा 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने कहा कि जांच आगे बढ़ने पर अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं। Delhi Crime
सूत्रों ने बताया कि दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इस मामले में शामिल सभी लोगों की भूमिका का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।परिवार के एक सदस्य ने कहा, ‘‘वो एक पार्टी में गए थे, लेकिन कभी वापस नहीं लौटे। हेलमेट का इस्तेमाल हथियार के तौर पर किया गया और उसी से उनकी जान चली गई। हम चाहते हैं कि कड़ी कार्रवाई हो ताकि किसी और परिवार को इस दर्द से न गुजरना पड़े।’’
