Delhi High Court: WFI से विनेश फोगाट को दिल्ली हाई कोर्ट ने जारी किया ‘कारण बताओ नोटिस’ पर दो हफ्ते में फैसला लें

Delhi High Court

Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) को पहलवान विनेश फोगाट को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस पर दो सप्ताह के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति अमित महाजन ने फोगाट की याचिका पर 29 अक्टूबर को पारित आदेश में कहा कि किसी भी खिलाड़ी को प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए मानसिक रूप से तनावमुक्त होना जरूरी है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नौ मई और 17 जून को जारी नोटिस पर लिया गया फैसला 20 जनवरी को मामले की अगली सुनवाई तक स्थगित रहेगा। फोगाट की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि दोनों कारण बताओ नोटिस पर अभी तक कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया गया है। Delhi High Court

Read Also: Bhiwani Felicitation: भिवानी में पदक विजेताओं के सम्मान समारोह, कार्यक्रम में CM सैनी का संबोधन

उन्होंने दलील दी कि फिलहाल याचिकाकर्ता के आगामी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन आशंका है कि भविष्य की प्रतियोगिताएं शुरू होने से पहले यदि उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल फैसला लिया जाता है, तो उनके पास उचित राहत पाने का कोई रास्ता नहीं बचेगा। न्यायमूर्ति महाजन ने इस स्थिति को वास्तविक चिंता बताते हुए कहा, ‘‘किसी भी खिलाड़ी को इस तरह की प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए मानसिक रूप से स्वस्थ और तनावमुक्त होना चाहिए, ताकि उसके प्रदर्शन पर किसी भी तरह का प्रतिकूल असर न पड़े।’’

अदालत ने आदेश दिया, ‘‘इसी को ध्यान में रखते हुए प्रतिवादियों को विवादित कारण बताओ नोटिस पर दो सप्ताह के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया जाता है। यदि दो सप्ताह के बाद फैसला लिया जाता है, तो उसे अगली सुनवाई तक स्थगित रखा जाएगा। इस मामले पर अगली सुनवाई 20 जनवरी, 2027 को होगी।’’ Delhi High Court

फोगाट के वकील ने कहा कि वह दिसंबर के मध्य में होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चाहती हैं, लेकिन कारण बताओ नोटिस उनके ‘‘सिर पर लटकती तलवार की तरह हैं।’’

Read Also: Parivarik Manuranjan: फिल्म ‘पारिवारिक मनुरंजन’ 13 नवंबर को सोनी लिव पर होगी स्ट्रीम

अदालत फोगाट की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने अनुशासनहीनता और डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन के आरोपों को लेकर डब्ल्यूएफआई की ओर से जारी दोनों कारण बताओ नोटिस और उनके आधार पर शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही को रद्द करने का अनुरोध किया है। अदालत ने याचिका पर डब्ल्यूएफआई और केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है।

याचिका में फोगाट ने कहा है कि नौ मई और 17 जून को जारी दोनों नोटिस डब्ल्यूएफआई की मनमानी और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई के लगातार जारी सिलसिले का हिस्सा हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन कार्रवाइयों के जरिए मातृत्व अवकाश के बाद प्रतिस्पर्धी कुश्ती में उनकी वापसी में बाधा डाली जा रही है। Delhi High Court

Top Hindi News, Latest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi Facebook, Delhi twitter and Also Haryana Facebook, Haryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *