Delhi: राजधानी दिल्ली में जलाशयों को जिंदा करने की कवायद शुरू हो गई है, 90 दिनों में करीब 77 जलाशयों को जिंदा करने का टारगेट रखा गया है, इसे लेकर एक समीक्षा बैठक भी हुई है, बैठक में सामने आया कि रखरखाव की कमी, गंदगी और अवैध कब्जों की वजह से कई तालाब और झीलें खत्म होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। इसी को देखते हुए अब तय समय सीमा के भीतर इनके कायाकल्प का प्लान तैयार किया गया है।Delhi:
हाल ही में एलजी तरनजीत सिंधू ने डीडीए के अधीन आने वाले जलाशयों को रिवाइव करने के लिए अधिकारियों से बैठक भी की है अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि काम में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पूरे अभियान को तीन चरणों में बांटा गया है। पहले 30 दिनों में उन 6 जलाशयों पर काम होगा जिन्हें सिर्फ सफाई और खुदाई की जरूरत है। इसके बाद 60 दिनों के भीतर 48 छोटे जलाशयों को गहरा और साफ किया जाएगा। वहीं 90 दिनों के अंदर 23 बड़े जलाशयों को पूरी तरह पुनर्जीवित करने का लक्ष्य रखा गया है।Delhi:
काम की शुरुआत तालाबों और झीलों में जमा कीचड़ और गंदगी हटाने से होगी। मशीनों की मदद से सफाई की जाएगी और उन रास्तों को भी ठीक किया जाएगा जहां से बारिश का पानी जलाशयों तक पहुंचता है। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा वर्षा जल को जमा करना और उसे जमीन में पहुंचाना है, ताकि भूजल स्तर बेहतर हो सके।Delhi:
सिर्फ सफाई ही नहीं, बल्कि जलाशयों के आसपास सौंदर्यीकरण और सुरक्षा पर भी जोर दिया जाएगा। तालाबों के किनारों को मजबूत किया जाएगा, चारों ओर हरियाली बढ़ाई जाएगी और गंदे पानी को साफ करने के लिए छोटे ट्रीटमेंट सिस्टम भी लगाए जाएंगे। प्रशासन का कहना है कि इससे पर्यावरण को फायदा मिलेगा और आने वाले समय में पानी की समस्या से राहत मिल सकेगी। यानी राजधानी में अब सिर्फ नए विकास प्रोजेक्ट ही नहीं, बल्कि पुराने जल स्रोतों को बचाने पर भी जोर दिया जा रहा है। अगर यह योजना तय समय में पूरी होती है तो दिल्ली को जल संकट और पर्यावरण दोनों मोर्चों पर बड़ी राहत मिल सकती है।Delhi:
