ED की जांच… छांगुर और सहयोगियों को विदेश से मिले 60 करोड़ रुपये

ED Investigation: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार 18 जुलाई को कहा कि उसे पता चला है कि उत्तर प्रदेश में कथित अवैध धर्मांतरण गिरोह से जुड़े धन शोधन के एक मामले में जांच के घेरे में आए छांगुर को 22 बैंक खातों में 60 करोड़ रुपये की धनराशि मिली थी। इसमें विदेश से प्राप्त हुई बड़ी धनराशि भी शामिल है।  ED Investigation:

Read Also: भारतीय युवा कांग्रेस ने बिहार के युवाओं के लिए मेगा रोजगार मेला 2025 का किया आयोजन

ED ने मारी छापेमारी

संघीय जांच एजेंसी ने छांगुर के पैतृक जिले बलरामपुर में एक दर्जन से ज्यादा ठिकानों और मुंबई में दो जगहों पर छापेमारी पूरी करने के बाद एक बयान जारी करके यह जानकारी दी।ये छापे बृहस्पतिवार को मारे गए। छांगुर उर्फ जलालुद्दीन उर्फ करीमुल्ला शाह के खिलाफ धन शोधन का मामला हाल ही में उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) द्वारा लखनऊ के गोमती नगर स्थित एक पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई एक प्राथमिकी पर आधारित है।

गैर कानूनी धर्मांतरण और विदेशी धन का खेल

एटीएस ने छांगुर, उसके बेटे महबूब और उसके कथित सहयोगियों नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन और नीतू उर्फ नसरीन को गिरफ्तार किया था। वो वर्तमान में जेल में बंद हैं। एटीएस की शिकायत में गैरकानूनी धर्मांतरण, विदेशी धन के उपयोग और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित खतरा पैदा करने वाली गतिविधियों से जुड़ी एक ‘बड़े पैमाने’ की साजिश का आरोप लगाया गया है। छांगुर और उनके सहयोगियों पर बलरामपुर स्थित चांद औलिया दरगाह परिसर से संचालित एक व्यापक गिरोह स्थापित करने का आरोप है, जहां वे नियमित रूप से भारतीय और विदेशी नागरिकों की बड़ी सभाओं का आयोजन करते थे।

ED ने खोली छांगुर की पोल

ED की जांच (ED Investigation) में पता चला है कि उस पर अन्य धर्मों के लोगों, खासकर अनुसूचित जातियों और हिंदू धर्म से जुड़े आर्थिक रूप से वंचित लोगों को धर्मांतरण के लिए व्यवस्थित रूप से प्रेरित करने, मजबूर करने और उनके साथ छल करने का आरोप है। एजेंसी ने कहा कि उसने छांगुर और उसके सहयोगियों से संबंधित 22 बैंक खातों का विश्लेषण किया और पाया है कि उसे और उसके सहयोगियों को 60 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि प्राप्त हुई थी। ईडी ने कहा, यह भी पाया गया कि छांगुर और उनके सहयोगियों को विदेश से बड़ी मात्रा में धन मिला है।

Read Also: अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप का भारत-पाकिस्तान जंग को लेकर सनसनीखेज दावा

ED की जांच में बड़ा खुलासा

तलाशी के दौरान कई दस्तावेज़ भी जब्त किए गए, जिनसे पता चलता है कि ‘अपराध की आय’ (अवैध धन) मुख्य रूप से विभिन्न लोगों को करोड़ों रुपये की अचल संपत्तियां खरीदने और इन संपत्तियों पर निर्माण कार्य करने के लिए हस्तांतरित की गई थी। ईडी ने कहा कि छांगुर द्वारा अर्जित सभी अचल संपत्तियां उसके सहयोगियों, नवीन रोहरा और नीतू रोहरा के नाम पर हैं, ताकि धन शोधन में उसकी वास्तविक संलिप्तता को छिपाया जा सके। छांगुर की गिरफ्तारी के बाद बलरामपुर में उससे जुड़े कथित अवैध निर्माणों को जिला प्रशासन ने ढहा दिया था। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों के कृत्यों को न केवल समाज-विरोधी, बल्कि ‘राष्ट्र-विरोधी’ करार दिया था।

Top Hindi News, Latest News Updates, Delhi Updates,Haryana News, click on Delhi Facebook, Delhi twitter and Also Haryana Facebook, Haryana Twitter 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *