Haryana: हरियाणा में एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है, लेकिन उससे पहले ही कई अनाज मंडियों में गेहूं की आवक तेज हो गई है। यमुनानगर की अनाज मंडी में किसानों द्वारा गेहूं लेकर पहुंचना शुरू कर दिया गया है, जिससे आढ़तियों और प्रशासन के सामने व्यवस्थाओं को लेकर चुनौती खड़ी हो गई है। बदलते मौसम ने इस स्थिति को और जटिल बना दिया है। कभी तेज धूप तो कभी अचानक बारिश की संभावना के चलते किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। Haryana:
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वहीं आढ़तियों को भी भंडारण और खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।जिला प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। मंडियों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि एक अप्रैल से शुरू होने वाली सरकारी खरीद में किसी प्रकार की बाधा न आए। छछरौली की अनाज मंडी में भी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यहां साफ-सफाई, लाइटिंग और सुरक्षा के लिए कैमरों की व्यवस्था की गई है।Haryana:
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प्रशासन का दावा है कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी और खरीद प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित होगी। छछरौली मार्केट कमेटी के सचिव ऋषिराज ने बताया कि छछरौली अनाज मंडी के अधीन आने वाली दो और अनाज मंडी में पूरी व्यवस्थाएं की गई है। इस बार पोर्टल का विस्तार किया गया है जो भी किसान किसी भी वाहन में अनाज लेकर मंडी में आएगा उसकी फोटो खींचकर पहले पोर्टल पर अपलोड करने होगी और उसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही किसान की गेहूं की बोली लगेगी। उन्होंने बताया कि किसानों के बैठने के लिए गेट के दोनों तरफ टेंट भी लगवाए जाएंगे ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी ना हो इसके अलावा अटल कैंटीन की व्यवस्था पहले से ही की गई है।Haryana:
