Haryana News: सदन में CM नायब सैनी बोले- हमारी नीतियाँ किसान केंद्रित, प्रक्रिया पारदर्शी और नीयत साफ है

Haryana News:  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का बयान। धान की ख़रीद सरकारी एजेंसियों के माध्यम से भारत सरकार द्वारा निर्धारित दिशा निर्देशों के अनुरूप की जाती है। मंडी में धान की आवक से लेकर राइस मिलर्स से चावल की वापसी तक हर क़दम पर सरकार ने चेक पाइंट लगाया। कोई भी किसान अपने खेतों में धान लगाता है तो उसका पंजीकरण मेरी फ़सल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर कराया जाता है।  Haryana News: 

इस पोर्टल के ज़रिए यह ज्ञात होता है कि कितने क्षेत्र में धान बोया गया।ख़रीफ़ सीज़न 2025-26 के दौरान राज्य की ख़रीद संस्थाओं द्वारा 301000 किसानों से 6213000 हज़ार मीट्रिक टन नॉन बासमती धान की ख़रीद न्यूनतम समर्थन मूल्य पर हुई। मेरी फ़सल मेरा ब्योरा होटल के अनुसार ग़ैर बासमती धान के लिए कुल 30,17,968 एकड़ क्षेत्र का सत्यापन किया गया। राज्य में अनुमानित उत्पादन 97,86,000 मीट्रिक टन आंका गयासरकार ने ख़रीद व्यवस्था को सुदृढ़ किया तो कुछ खामियां भी सामने आयी। सभी ज़िलों में हमारी सरकार द्वारा संयुक्त कमेटियां गठित कर भंडारित धान की फिजिकल जाँच कराई गई।Haryana News: 

इस मामले में कुल 12 FIR दर्ज की गई और 75 अधिकारी/ कर्मचारियों के ख़िलाफ़ विभागीय जाँच शुरू की गई। इनमें से 28 अधिकारी कर्मचारियों को निलंबित किया गया।इन सबके अलावा राइस मिलों से 6 करोड़ 27 लाख रुपया की राशि रिकवर कर सरकारी ख़ज़ाने में जमा कराई गई।किसी भी सीज़न में मंडी की आवक का आंकड़ा अनुमानित होता है।जिला अंबाला ,फ़तेहाबाद ,कैथल ,करनाल, सिरसा में आवक में ख़रीद के आंकड़ों में कोई ऐसा कोई अंतर नहीं मिला। Haryana News: 

30-50 प्रतिशत अंतर होने के विपक्ष के आरोप निराधार। बाजरा किसानों के हित में भी हमने भवन पर भरपाई योजना के अंतर्गत 575 रुपया प्रति क्विंटल की दर से किसानों को लाभ देने का फ़ैसला किया।भारत सरकार द्वारा 10% टूटे चावल की अनुमति के साथ राज्य को आठ लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया गया जो समयबद्ध तरीक़े से पूरा किया गया।भविष्य के लिए जिओ टैगिंग आधारित गेट पास, वाहनों का ऑटोमैटिक नंबर प्लेट कैप्चर, गोदामों राइस मिल की जिओ फ़ेंसिंग ,एंट्री और एग्ज़िट गेट पर CCTV कैमरे लगाने का कार्य जारी ।11 दिसंबर 2025 को सरकार ने प्रति एकड़ उपज सीमा में भी संशोधन किया।मेरी फ़सल मेरा ब्यौरा पोर्टल को खाद की बिक्री IFMS पोर्टल के साथ जोड़ा गया।इससे पिछले पाँच महीने से भी कम समय में 700 करोड़ रुपया खाद सब्सिडी के रूप में बचाए गए।पिछले 12 सीज़न में हमने किसानों के खाते में 1,64,000 करोड़ रुपया सीधे पहुँचाया।Haryana News: 

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