Javed Akhtar : एक इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने कहा कि हिंदू समाज में लोग अपनी धार्मिक और सामाजिक कमियों पर खुलकर सवाल उठाते हैं, लेकिन मुस्लिम समाज में अपनी कमियों पर बोलने वाले लोगों की संख्या कम है….
News Desk : गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने एक हालिया इंटरव्यू में हिंदू और मुस्लिम समाज के भीतर गलत चीजों पर आवाज उठाने को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज में ऐसे कई लोग हैं जो अपनी ही परंपराओं और सामाजिक बुराइयों की आलोचना करते हैं। इसके उलट, उनके मुताबिक मुस्लिम समाज में अपनी कम्युनिटी की समस्याओं और कमजोरियों पर खुलकर बोलने वाले लोगों की संख्या कम है। जावेद अख्तर ने इस संदर्भ में आरफा खानम शेरवानी, मोहम्मद जुबैर और असदुद्दीन ओवैसी जैसे नामों का भी जिक्र किया।Javed Akhtar
Read Also: Singapore में हरियाणा-छत्तीसगढ़ की अनूठी तस्वीर, एक मंच पर दिखे दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री
जावेद अख्तर ने कहा कि जब हिंदू समाज से जुड़ी किसी सामाजिक बुराई की बात होती है तो कुछ लोग उस पर खुलकर अपनी आवाज रखते हैं, लेकिन जब चर्चा मुस्लिम समाज की अंदरूनी समस्याओं की होती है तो अक्सर चुप्पी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि किसी भी समुदाय की कमियों पर सवाल उठाना जरूरी है और केवल यह मान लेना कि अपने समाज में सब कुछ ठीक है, सही रवैया नहीं हो सकता। उन्होंने हिंदू समाज में मौजूद ऐसे लोगों का भी जिक्र किया जो खुद को नास्तिक मानते हैं और हिंदू कट्टरपंथी या चरमपंथी समूहों की गतिविधियों का विरोध करते हैं।Javed Akhtar
Read Also: CM विजय का पलटवार- ‘आपको क्या दिक्कत है?’ स्टालिन की ‘शूटिंग’ वाली टिप्पणी पर जवाब
जावेद अख्तर ने खुद को नास्तिक बताते हुए कहा कि उनका जन्म मुस्लिम परिवार में हुआ है, इसलिए अपनी कम्युनिटी की कमियों को सामने रखना भी उनका फर्ज है। उन्होंने कहा कि किसी समाज की अच्छाइयों के साथ उसकी कमजोरियों पर भी बात होनी चाहिए। उनका कहना था कि दूसरों की गलतियां गिनाने से पहले अपने समाज के भीतर मौजूद समस्याओं को पहचानना और उन पर सवाल उठाना जरूरी है। जावेद अख्तर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब वह 81 साल के हो गए हैं और उनके बयानों को लेकर अक्सर सार्वजनिक बहस होती रही है।Javed Akhtar
Top Hindi News, Latest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi Facebook, Delhi twitter and Also Haryana Facebook, Haryana Twitter

