Kerala: चर्चित फिल्म ‘केरल स्टोरी-2 पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कसा तंज, छात्रों से क्या बोले राहुल गांधी ?

Kerala: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि ये ‘अच्छी खबर’ है कि फिल्म ‘केरल स्टोरी-2 गोज बियॉन्ड’ को व्यापक तौर पर नहीं देखा जा रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष कुट्टिक्कानम स्थित मरियन कॉलेज में विद्यार्थियों से बातचीत कर रहे थे।फिल्मों को दुष्प्रचार का साधन बनाए जाने के बारे में एक छात्र के प्रश्न का उत्तर देते हुए गांधी ने ‘केरल स्टोरी-2 गोज बियॉन्ड’ पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, अच्छी खबर ये है कि ‘केरल स्टोरी’ वाले सिनेमाघरों में सीट खाली पड़ी हैं और इसे कोई देख नहीं रहा है। ये दिखाता है कि ऐसे लोग हैं, जिनमें से अधिकांश को केरल और उसकी परंपराओं और संस्कृति की समझ नहीं है।’

Read AlsoColombo: श्रीलंका की नौसेना ने दूसरे जहाज पर सवार 204 ईरानी नौसैनिकों को सुरक्षित कोलंबो पहुंचाया

राहुल के अनुसार, फिल्मों, टेलीविजन और मीडिया को तेजी से ‘हथियार’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘इसका उपयोग लोगों को बदनाम करने, उन्हें खत्म करने और समाज में विभाजन पैदा करने के मकसद से किया जाता है ताकि कुछ लोग लाभान्वित हों और दूसरों को नुकसान पहुंचे। भारत बहुत हद तक ऐसा ही बन गया है।’’उन्होंने कहा कि इस तरह के घटनाक्रम देश के लिए बेहद हानिकारक हैं और इस मकसद के लिए बड़ी मात्रा में पैसा खर्च किया जा रहा है। अपनी व्यक्तिगत रुचियों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे उन विषयों पर काफी पढ़ते हैं जिनके बारे में वे जानना चाहते हैं, लेकिन फिल्में कम देखते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘शौक के तौर पर मुझे शतरंज खेलना और मार्शल आर्ट का अभ्यास पसंद है। मैं फिट रहने के लिए व्यायाम करता हूं, जिसमें तैराकी और व्यायाम करना शामिल है।’राहुल ने कहा कि यद्यपि उन्होंने पांच साल तक संसद में केरल का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन वे गहराई से राज्य को नहीं समझ पाए हैं, जबकि वायनाड के लोगों से उन्होंने बहुत कुछ सीखा है।उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं पहली बार वहां पहुंचा तो मुझे बहुत आश्चर्य हुआ। वहां एक बड़ा भूस्खलन हुआ था जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी, लेकिन लोगों की प्रतिक्रिया देखकर मैं बहुत प्रभावित हुआ। ऐसी त्रासदी के बाद भी वे दूसरों की मदद कर रहे थे। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई व्यक्ति किस समुदाय या आर्थिक पृष्ठभूमि से है।’Kerala:

Read Also असम में सुखोई-30 लड़ाकू विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से दो पायलटों की मौत

उन्होंने कहा कि केरल में बहुत पुरानी और मूल्यवान परंपराएं हैं। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे राज्य की संस्कृति से जुड़े रहें और दूसरी जगहों से भी सीखें। गांधी ने ये भी आरोप लगाया कि देश की शिक्षा प्रणाली एक विशेष विचारधारा के दबाव में है।उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को देखें, तो उनमें से बड़ी संख्या में नियुक्तियां केवल इसलिए की गई हैं, क्योंकि वे आरएसएस या किसी विशेष विचारधारा का हिस्सा हैं। शिक्षा प्रणाली पर वैचारिक दबाव है। शिक्षा किसी विशेष विचारधारा तक सीमित नहीं होनी चाहिए, विशेष रूप से आरएसएस के विभाजनकारी दृष्टिकोण के अनुरूप तो बिल्कुल ही नहीं होनी चाहिए।’’कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर राहुल गांधी ने कहा कि भारत अभी तक अमेरिका या चीन के स्तर तक नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा, ‘‘एआई शिखर सम्मेलन में एक चीनी रोबोट को भारतीय रोबोट के रूप में दिखाया जा रहा था।’Kerala:

उन्होंने कहा कि यदि भारत एआई में शक्तिशाली बनना चाहता है, तो उसे खुद के डेटा पर नियंत्रण रखना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि जहां अमेरिका के पास वैश्विक डेटा तक पहुंच है, वहीं चीन खुद के डेटा को नियंत्रित करता है, जिससे एआई में उसकी स्थिति मजबूत होती है।उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘अमेरिका के साथ हाल ही में हुए समझौते ने हमारा पूरा डेटा अमेरिका को सौंप दिया है। अमेरिकी कंपनियां भारतीय डेटा को जहां चाहें रख सकती हैं और उन पर कर नहीं लगेगा। इसलिए हमने पिछले कुछ हफ्तों में एआई क्षेत्र में अपनी क्षमता को नुकसान पहुंचाया है।’’पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर गांधी ने कहा कि सतही तौर पर ये अमेरिका और इजराइल बनाम ईरान का युद्ध प्रतीत होता है, लेकिन असल भू-राजनीतिक परिदृश्य में अमेरिका, चीन और रूस प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।Kerala:

उन्होंने कहा, “अमेरिका महाशक्ति के रूप में अपना दबदबा कायम रखने की कोशिश कर रहा है, जबकि चीन उसके और करीब पहुंच रहा है। यही व्यापक परिदृश्य है।’’उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया वैश्विक ऊर्जा उत्पादन का केंद्र है और वहां के संघर्षों के व्यापक परिणाम होते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया से मिलने वाली ऊर्जा पर हमारी निर्भरता के कारण भारत भी इस युद्ध की कीमत प्रत्यक्ष तौर पर चुका रहा है।”राहुल ने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में निहित है। राहुल ने कहा, ‘‘हम जिस रास्ते पर चल रहे हैं, वो ऐसा रास्ता है जहां लोगों को आपस में लड़ाया जा रहा है-धर्म बनाम धर्म, भाषा बनाम भाषा, जाति बनाम जाति। हम पर्याप्त उत्पादन नहीं कर रहे हैं और अपनी सबसे बड़ी संपत्ति यानी डेटा, अमेरिका को सौंप रहे हैं।’’राजनीति को पेशे के रूप में अपनाने के बारे में पूछे जाने पर गांधी ने कहा कि अगर कोई ईमानदारी से राजनीति करना चाहे तो ये एक कठिन काम है।  Kerala:

उन्होंने कहा, ‘‘अगर आप इसे गंभीरता से करना चाहते हैं और आपके पास एक मूल्य प्रणाली है, तो ये बहुत मुश्किल काम है। अगर आप सही कारण से राजनीति कर रहे हैं तो आपको बहुत कष्ट सहने के लिए तैयार रहना चाहिए। अगर आप गलत कारण से राजनीति कर रहे हैं, तो ये आसान है।’उन्होंने कांग्रेस सांसदों केसी वेणुगोपाल और डीन कुरियाकोस के साथ मिलकर एक कॉलेज छात्र के साथ केरल की पारंपरिक मार्शल आर्ट कला कलरिपयट्टू के कुछ चरण भी आजमाए।उन्होंने कहा कि मार्शल आर्ट को अक्सर आत्मरक्षा का साधन माना जाता है, लेकिन ये खुद को समझने का भी एक तरीका है।राहुल गांधी ने कहा, ‘‘ये खुद को जानने और अलग-अलग परिस्थितियों में अपनी प्रतिक्रिया को समझने के बारे में है। ये बहुत शक्तिशाली है। कहा जाता है कि कलारी सभी मार्शल आर्ट की जननी है। कलारी में लचीलेपन की जरूरत होती है और मैं उतना लचीला नहीं हूं।’   Kerala:

Top Hindi NewsLatest News Updates, Delhi Updates,Haryana News, click on Delhi FacebookDelhi twitter and Also Haryana FacebookHaryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *