प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया है। वहीं राष्ट्रपति प्रबोवो के साथ द्विपक्षीय बातचीत में रक्षा-व्यापार को लेकर महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। पीएम मोदी ने इंडोनेशिया संसद को भी संबोधित किया है। पीएम मोदी ने भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों को महत्वपूर्ण बताया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर दो दिवसीय राजकीय दौरे पर जकार्ता पहुंचे। इंडोनेशिया में पीएम मोदी का गार्ड ऑफ ऑनर के साथ भव्य स्वागत किया गया। वहीं राष्ट्रपति प्रबोवो ने पीएम मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ प्रदान किया। यह सम्मान उन नेताओं को दिया जाता है जिन्होंने इंडोनेशिया के साथ मित्रता, रणनीतिक सहयोग और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो। पीएम मोदी ने इस सम्मान को भारत के 140 करोड़ नागरिकों को समर्पित करते हुए कहा कि यह पूरे भारत का सम्मान है।
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द्विपक्षीय वार्ता में दोनों नेताओं के बीच व्यापार, रक्षा, कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। महत्वपूर्ण समझौतों में इंडोनेशिया द्वारा ब्रह्मोस मिसाइलों की अतिरिक्त खरीद, भारत की एस्ट्रा Mk-1 मिसाइल का पहला विदेशी ग्राहक बनना, साबांग पोर्ट के विकास पर सहयोग और कोस्ट गार्ड सहयोग बढ़ाने का समझौता भी शामिल है।

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया की संसद को संबोधित किया। पीएम मोदी ने दोनों देशों के प्राचीन सांस्कृतिक संबंधों – रामायण- महाभारत की विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि भारत और इंडोनेशिया के रिश्ते न सिर्फ महत्वपूर्ण हैं, बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के भविष्य को आकार देंगे। पीएम मोदी ने कहा, “हम साझा इतिहास रखते हैं और साथ मिलकर हम इतिहास रचेंगे।” यह दौरा भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ को मजबूती देगा और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति प्रदान करेगा। इंडोनेशिया के साथ बढ़ते सहयोग से क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास को भी बल मिलेगा।
