प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय कैबिनेट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए दो बड़े फैसले लिए गए हैं। कैबिनेट के इन फैसलों की जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी है। इन फैसलों में दिल्ली और उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश को जोड़ने वाले दो बड़े हाईवे प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है।
कैबिनेट बैठक में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देने के लिए लगभग 14 हजार एक सौ पंद्रह करोड़ रुपये से अधिक के दो बड़े हाईवे प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ये दोनों प्रोजेक्ट्स आने वाले समय में कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को नया आयाम देंगे।
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पहला बड़ा फैसला:
दिल्ली के लिए वरदान ‘सिक्स लेन द्वारका टनल’ – दिल्ली वासियों के लिए एक बहुत लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए कैबिनेट ने सिक्स लेन द्वारका टनल को मंजूरी दे दी है।
लागत:
इस प्रोजेक्ट पर 6,970 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
कनेक्टिविटी:
यह 8 किलोमीटर लंबी टनल दिल्ली के नेशनल हाईवे पर स्थित शिव मूर्ति इंटरचेंज (एयरपोर्ट के पास) से शुरू होकर सीधे वसंत कुंज, नेल्सन मंडेला मार्ग और आगे बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर तक जुड़ेगी।
खासियत (रिज एरिया की सुरक्षा):
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि इस प्रोजेक्ट में दिल्ली के फेफड़े कहे जाने वाले ‘रिज एरिया’ के पर्यावरण को बिना कोई नुकसान पहुंचाए, इस टनल को आधुनिक टैबएम TBM टेक्नोलॉजी से जमीन के काफी नीचे बनाया जाएगा
समय सीमा:
इस महात्वाकांक्षी टनल प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 5 साल का लक्ष्य रखा गया है।
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दूसरा बड़ा फैसला:
बुंदेलखंड को सौगात ‘कानपुर-काबराई फोर लेन हाईवे’ – दूसरा बड़ा फैसला उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के लिए है। कानपुर को भोपाल से जोड़ने वाले अलाइनमेंट के तहत कानपुर से काबराई के बीच फोर लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे को मंजूरी दी गई है
लागत और दूरी:
7,145 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह हाईवे 242 किलोमीटर लंबा होगा
फायदा:
इस एक्सप्रेसवे के बनने से कानपुर से काबराई के बीच का सफर जो अभी 3 घंटे का है, वह घटकर मात्र डेढ़ घंटा रह जाएगा। इससे हमीरपुर और महोबा जैसे आकांक्षी जिलों को सीधा लाभ मिलेगा।
भविष्य की सोच:
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन 2047 के तहत इस हाईवे के स्ट्रक्चर्स को शुरू से ही ‘सिक्स लेन’ के हिसाब से तैयार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में चौड़ीकरण आसान हो इसे ढाई साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा
इससे साफ है कि सरकार का पूरा ध्यान देश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर है। दिल्ली की यह नई द्वारका टनल जहां राजधानी के ट्रैफिक को पूरी तरह बदल कर रख देगी, वहीं कानपुर-काबराई हाईवे बुंदेलखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।
