मन की बात कार्यक्रम में PM मोदी ने किया आपातकाल का जिक्र

PM Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपातकाल के दौरान लोगों पर अत्याचार को लेकर तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर निशाना साधने के लिए रविवार को अपने मासिक रेडियो प्रसारण कार्यक्रम में आपातकाल का विरोध करने वाले प्रमुख नेताओं की टिप्पणियां सुनाईं और कहा कि इन्हें हमेशा याद रखा जाना चाहिए क्योंकि ये लोगों को संविधान को मजबूत रखने के लिए सतर्क रहने की प्रेरणा देता है।

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पीएम मोदी ने अपने ‘मन की बात’ बात रेडियो प्रसारण में कहा कि जिन लोगों ने आपातकाल लगाया, ‘‘उन्होंने ना सिर्फ हमारे संविधान की हत्या की बल्कि उनका इरादा न्यायपालिका को भी अपना गुलाम बनाए रखने का था।’मोदी ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पार्टी का नाम लिए बिना आपातकाल के दौर की ज्यादतियों के लिए कांग्रेस की निंदा की। आपातकाल को लेकर केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार के तहत अघोषित आपातकाल कायम है।

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पीएम मोदी ने कहा कि 1975 से 1977 के बीच 21 महीने की अवधि के लिए आपातकाल के दौरान लोगों को बड़े पैमाने पर प्रताड़ित किया गया था। उन्होंने कहा कि ऐसे कई उदाहरण हैं जिन्हें भुलाया नहीं जा सकता।उन्होंने उस अवधि से संबंधित पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई और अटल बिहारी वाजपेयी तथा पूर्व उप-प्रधानमंत्री जगजीवन राम के भाषणों के अंश सुनाए। उन्होंने कहा कि जॉर्ज फर्नांडिस साहब को बेड़ियों में जकड़ा गया था और याद किया कि उस समय आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (मीसा) के तहत किसी को भी गिरफ्तार किया जा सकता था।

उन्होंने कहा कि छात्रों को परेशान किया गया और अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटा गया। उन्होंने कहा कि उस दौर में हजारों लोग गिरफ्तार किए गए, उन पर अमानवीय अत्याचार हुए, लेकिन ये भारत की जनता का सामर्थ्य है कि वो झुकी नहीं, टूटी नहीं और लोकतंत्र के साथ कोई समझौता उसने स्वीकार नहीं किया।पीएम मोदी ने कहा कि ‘‘आखिरकार, जनता-जनार्दन की जीत हुई – आपातकाल हटा लिया गया और आपातकाल थोपने वाले हार गए।’’ उन्होंने कहा कि आपातकाल की 50वीं बरसी को हाल में ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाया गया और इसके खिलाफ लड़ने वालों को हमेशा याद रख जाना चाहिए। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को आपातकाल लगाया था।

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