Politics: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में संबोधन देते हुए कहा कि हमारे द्वारा लाए गए सरकारी प्रस्ताव में निंदा शब्द का उपयोग नहीं हुआ है, और न ही यह कोई राजनीतिक प्रस्ताव है। यह सरकारी प्रस्ताव केवल माता, बहनों के मान सम्मान और उनके अधिकार, सशक्तिकरण का प्रस्ताव है। उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष के नेता विधानसभा की पार्किंग में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डुप्लीकेट विधानसभा चलाने का काम कर रहे हैं। यह इस सदन के इतिहास में पहली बार हुआ है कि, सदन में उपस्थित न होकर पार्किंग में नकली सदन चला रहे हैं । यह इस महान सदन, महिलाओं, लोकतंत्र और संविधान का अपमान है। Politics
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मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आगे कहा की कांग्रेस के विधायक सरदार जरनैल सिंह जी ने अपने वक्तव्य में खुद माना कि उनकी पार्टी की सोच बदलनी चाहिए और इस कुकृत्य के विरोध में सदन को एक निंदा प्रस्ताव लेकर आना चाहिए। विधायक अर्जुन चौटाला द्वारा रखे प्रश्नों का मुख्यमंत्री ने यह जवाब दिया । मुख्यमंत्री ने और मुद्दों पर ध्यान देते हुए कहा कि यदि सरकार जनगणना और परिसीमन का इंतजार करती तो 2029 में महिलाओं को 33% का आरक्षण नहीं मिलता। महिलाओं को समय पर लाभ देने के लिए प्रधानमंत्री नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक लोकसभा में लेकर आए जिससे महिलाओं को भी प्रतिनिधित्व मिल सके। Politics
दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 6 किस्तें बहनों के खातों में पहुंचाने का काम हमारी भाजपा सरकार ने किया है। हमारी सरकार लगातार महिलाओं को भी सशक्त करने का कार्य कर रही है। दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना के किसी भी लाभार्थी परिवार का BPL कार्ड रद्द नहीं किया जाएगा, मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की । हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र नारी शक्ति को समर्पित है, साथ ही 16 अप्रैल 2026 को केंद्र सरकार तीन क्रांतिकारी विधेयक भी लोकसभा में लेकर आई है। Politics
मुख्यमंत्री ने आगे कहा संविधान का 131वां संशोधन विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक और 2026 में होने वाली जनगणना और परिसीमन के बाद आरक्षण को लागू करना भी हमारी सरकार का लक्ष्य है। आरक्षण को जनगणना की शर्त से अलग किया जाए ताकि वर्ष 2029 के आम चुनाव में महिला शक्ति संसद में प्रभावी उपस्थिति दर्ज करवा सके।
CM सैनी ने आगे विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस महान सदन के माध्यम से विपक्षी दलों की घोर निंदा करता हूं, जिन्होंने इस विधेयक को पारित नहीं होने दिया। विपक्ष की राजनीति का दोहरा चरित्र देश के सामने उजागर हुआ है। विपक्ष ने परिसीमन के नाम पर झूठ और भ्रम फैलाया और कहा के इससे कुछ राज्यों को नुकसान होगा। Politics
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गृहमंत्री अमित शाह ने तथ्यों के साथ स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य का प्रतिनिधित्व नहीं कम होगा । आज का प्रस्ताव केवल विपक्ष की आलोचना के लिए नहीं, बल्कि यह संदेश है कि जो भी महिलाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करेगा उसे जनता के न्याय का सामना करना पड़ेगा । मुख्यमंत्री ने आखिर में विपक्ष से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर प्रस्ताव का समर्थन करने की अपील की और अपने संबोधन का अंत किया। Politics
