Solar Storm: आदित्य L-1 और चंद्रयान-2 ने लीं ‘सौर तूफान’ की खौफनाक तस्वीरें, नजारा देख क्यों हैरान हैं ISRO के वैज्ञानिक ?-जानिए

Solar Storm: आसमान में कई सालों बाद एक भयावह मंजर देखने को मिला है, जिसकी खौफनाक तस्वीरें आदित्य L-1 और चंद्रयान-2 ने लीं है। सूरज में हुए बड़े विस्फोट के कारण आए प्रचंड सौर तूफान( Solar Storm ) ने पृथ्वी को प्रभावित किया है। इन तस्वीरों को देख वैज्ञानिक हैरान और परेशान हैं।

 Read Also: Karnataka: हुबली में महिला की चाकू मारकर हत्या, लव प्रपोजल से इंकार का संदेह

आपको बता दें, इसरो (ISRO) के वैज्ञानिकों ने इस बात की पुष्टि की है कि सूरज पर हाल ही में एक बड़ा विस्फोट हुआ है जिससे M क्लास और X क्लास की लहरें निकलीं हैं जो एक बड़े सौर तूफान में तब्दील हो गईं और इस सौर तूफान की चपेट में पृथ्वी भी आ गई थी। ये तूफान 2003 में पृथ्वी पर आए भू-चुंबकीय तूफान से भी भयावह था, इस सौर तूफान की चपेट में आने से धरती का संचार और जीपीएस सिस्टम भी प्रभावित हुआ था।

सालों बाद आए इस भयावह सौर तूफान की खौफनाक तस्वीरें देख वैज्ञानिक भी हैरान और परेशान हैं। केवल ISRO ने ही नहीं NOAA स्पेस वेदर प्रेडिक्शन सेंटर ने भी इस खौफनाक सौर तूफान पुष्टि की है। इसके बाद अब ये अनुमान लगाया जा रहा है कि सूरज पर अभी इस तरह के और भी विस्फोट होने की संभावना है जिससे धरती की संचार प्रणाली, जीपीएस सिस्टम, सैटेलाइट्स और पॉवर ग्रिड पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। वैज्ञानिकों के लिए ये सौर तूफान चिंता का विषय बन गया है।

ISRO के वैज्ञानिकों के मुताबिक, 11 से 13 मई के बीच सूरज पर 2 बार विस्फोट हुए, जिसके कारण इतना भयानक सौर तूफान आया। हालांकि, भारत और उसके आसपास का इलाका इस भयावह सौर तूफान की चपेट में नहीं आया था। ये तूफान ज्यादातर अमेरिका और प्रशांत महासागर के ऊपरी इलाकों में देखने को मिला।

क्यों आता है सौर तूफान और पृथ्वी पर क्या प्रभाव डालता है ?-जानें

सौर तूफान (Solar Storm) एक प्रकार से अंतरिक्ष में होने वाला मौसमी घटनाक्रम है जो सूर्य पर विस्फोट के बाद उससे निकलने वाली ऊर्जा, कणों और चुंबकीय गतिविधियों से जुड़ी होता है। यह मुख्यतः निम्न तीन प्रकार की घटनाओं से मिलकर आता है- सौर ज्वालाओं, कोरोनल मास इजेक्शन और सौर पवन।

Read Also: Calcium: दूध ही नहीं ये फूड्स भी हैं कैल्शियम से भरपूर…

सौर तूफान पृथ्वी पर कई प्रकार के प्रभाव डाल सकते हैं, जैसे-

गणना प्रणालियों में गड़बड़ी: सौर तूफान से निकलने वाले आवेशित कण सैटेलाइट और अंतरिक्ष यान के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में गड़बड़ी उत्पन्न कर सकते हैं।

जीपीएस और संचार प्रणाली में बाधा: सौर तूफान के उच्च ऊर्जा वाले कण और रेडियो तरंगों का उत्सर्जन संचार उपग्रहों और नेविगेशन प्रणालियों को प्रभावित कर सकता है।

ऊर्जा ग्रिड पर प्रभाव: बड़े सौर तूफान पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र को बाधित कर सकते हैं, जिससे विद्युत ग्रिड में प्रवाह और ट्रांसफार्मर में गड़बड़ी हो सकती है।

उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों पर रोशनी (Auroras): सौर तूफान के कारण पृथ्वी के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों पर रोशनी देखी जा सकती हैं, जो देखने में बहुत ही सुंदर और चमकीली होती हैं।

सौर तूफान अंतरिक्ष का मौसमी घटनाक्रम है और इनका अध्ययन वैज्ञानिकों द्वारा लगातार किया जाता है ताकि इनके प्रभावों को समझा जा सके और उनसे उत्पन्न होने वाले खतरों से बचाव के उपाय किए जा सकें।

Top Hindi NewsLatest News Updates, Delhi Updates,Haryana News, click on Delhi FacebookDelhi twitter and Also Haryana FacebookHaryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *