Suresh Kalmadi: भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के पूर्व अध्यक्ष और अनुभवी खेल प्रशासक सुरेश कलमाड़ी का मंगलवार तड़के यहां के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे 81 साल के थे।कलमाड़ी के परिवार में उनकी पत्नी, बेटा और बहू, दो विवाहित बेटियां और दामाद, साथ ही पोते-पोतियां शामिल हैं।
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वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनका निधन सुबह लगभग 3:30 बजे हुआ।दो दशकों से अधिक समय तक भारतीय खेल प्रशासन में एक प्रभावशाली हस्ती रहे कलमाड़ी ने 1996 से 2011 तक आईओए के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। इस तरह से वे देश की सर्वोच्च खेल संस्था का लंबे समय तक अध्यक्ष बने रहने वाले व्यक्तियों में से एक बन गए।Suresh Kalmadi:
कलमाड़ी का जन्म 1944 में हुआ था। उन्होंने भारतीय वायु सेना में लड़ाकू पायलट के रूप में अपना पेशेवर जीवन शुरू किया और राजनीति और खेल प्रशासन में प्रवेश करने से पहले 1965 और 1971 के युद्ध का हिस्सा रहे थे।उन्होंने कांग्रेस नेता के रूप में कई बार लोकसभा में पुणे का प्रतिनिधित्व किया और केंद्रीय मंत्री के रूप में भी कार्य किया। इसके अलावा उन्होंने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं में कई पदों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।Suresh Kalmadi:
आईओए के अध्यक्ष के रूप में कलमाड़ी का उस दौर में बहुत अधिक प्रभाव था, जब भारतीय खेल वैश्विक स्तर पर अपनी जीवंत मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश में लगे हुए थे।उन्होंने एशियाई एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया और विश्व एथलेटिक्स की सर्वोच्च संस्था (तब आईएएएफ) की परिषद के सदस्य भी रहे, जिससे वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के सबसे शक्तिशाली खेल प्रशासकों में से एक बन गए।उनके कार्यकाल में भारत ने 2008 के बीजिंग ओलंपिक में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की जब निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने देश का पहला व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण पदक जीता।Suresh Kalmadi:
दिल्ली में 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे इन खेलों की आयोजन समिति के अध्यक्ष थे।कलमाड़ी ने पुणे में एथलेटिक्स और खेल अवसंरचना के विकास में भी अहम भूमिका निभाई। उनकी कोशिशों से ही पुणे अंतरराष्ट्रीय मैराथन शुरू हुई थी जो भारतीय एथलेटिक्स के कैलेंडर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई।Suresh Kalmadi:
