सपनों का सितारा! 40वें जन्मदिन पर सुशांत सिंह राजपूत को श्रद्धांजलि

Sushant Singh Rajput's fans are celebrating his birthday on January 21, 2026. If he were alive today, he would have been 40 years old, leaving so young.

Sushant Singh: 21 जनवरी 2026 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के चाहने वाले उनका जन्मदिन मना रहे हैं। अगर आज वे जीवित होते तो 40 साल के हो गए होते , इतनी कम उम्र में चले जाना उनके कई फैन्स को बहुत गम दे गया। लेकिन उनकी विरासत भारतीय सिनेमा में और उन लाखों लोगों के दिलों में आज भी गहराई से अंकित है, जो न केवल एक अभिनेता के रूप में, बल्कि एक विचारक, सपने देखने वाला और जिज्ञासु शख्स के रूप में भी उनकी तारीफ करते थे।

सुशांत के फिल्मी सफर की शुरुआत “काई पो चे!” (2013) से हुई, जिसमें उन्होंने एक छोटे शहर के लड़के का किरदार निभाया था जिसके सपने बहुत बड़े थे। इस फिल्म ने सुशांत को एक बेहतरीन कलाकार के रूप में इंडस्ट्री में पहचान दिलाई, इसके बाद उन्होंने “शुद्ध देसी रोमांस” (2013) में काम किया, इस फिल्म को भी दर्शकों ने खूब पसंद किया। 2014 में आई आमिर खान की फिल्म “पीके” में भले ही वे सहायक भूमिका में थे लेकिन अपनी शांत और प्रभावशाली प्रस्तुति से उन्होंने दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी और यह साबित कर दिया कि दमदार अभिनय के साथ सीमित स्क्रीन टाइम भी कितना असरदार हो सकता है।

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उनकी सबसे प्रशंसित भूमिकाओं में से एक 2015 में आई फिल्म “डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी!” रही, जिसमें उन्होंने साहित्यिक जगत के प्रतिष्ठित जासूस का का किरदार निभाया और अभने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीता, इसके बाद साल 2016 में आई “एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी” में उन्होंने अपने करियर की एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान के किरदार में उन्होंने जो अभिनय किया, उसकी जमकर तारीफ हुई, क्योंकि उन्होंने एक वास्तविक जीवन के नायक के किरदार में प्रामाणिकता, अनुशासन और भावनात्मक गहराई को बखूबी जीवंत कर दिया।

सुशांत ने 2017 में “राबता”, ” 2018 में केदारनाथ” जैसी अलग अलग जोनर की फिल्में भी कीं, जहां वे फिल्म केदारनाथ में प्रेम और त्रासदी के बैकग्राउंड में एक विनम्र पिट्ठू का किरदार निभाते दिखे, तो वहीं 2019 में आई फिल्म “सोनचिड़िया” में उनके दमदार अभिनय की सभी ने तारीफ की। उसी साल 2019 में आई “छिछोरे” ने दर्शकों में खासतौर पर युवाओं के दिलों को गहराई से छुआ। ये फिल्म सुशांत सिंह राजपूत के करियर की प्रभावशाली फिल्मों में से एक बन गई। सुशांत ने 2019 में “ड्राइव” के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अपने अभिनय का प्रदर्शन किया, जिसमें उन्होंने बदलाव और कहानी कहने के नए प्रारूपों को अपनाया। उनकी आखिरी फिल्म “दिल बेचारा ‘ साल 2020 में आई थी, जो एक दिल को छू लेने वाली प्रेम कहानी थी। फिल्म को दर्शकों से बहुत प्यार मिला, इस फिल्म को देखकर कई दर्शक भावुक हो गए और सिनेमा को दिए गए उनके अंतिम उपहार के लिए आभार जताने लगे और उन्हें विदाई देने लगे।  Sushant Singh 

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फिल्मों से अलग, सुशांत एक जिज्ञासु शख्स थे। खगोल भौतिकी, क्वांटम मैकेनिक्स और खगोल विज्ञान के प्रति उनकी गहरी रुचि ने उन्हें इस इंडस्ट्री में उन्हें एक अलग पहचान दिलाई, एक खगोल दुरबीन रखना, विमान उड़ाना सीखना और निरंतर खुद को अलग अलग स्किल्स में शिक्षित करते रहना दिखाता था कि वे हमेशा सीखने को ही तवज्जो देते थे। उनका आध्यात्मिक पक्ष भी अक्सर भक्ति में रहने और भजन गाने जैसे क्षणों में झलकता था, जो प्रसिद्धि से परे दुनिया और प्रकृति की खोज में रहता था।

उनकी फिल्मों की संख्या भले ही सीमित हो, लेकिन उनका प्रभाव उनके चाहने वालों पर आज भी है। “काई पो चे!”, “शुद्ध देसी रोमांस”, “पीके”, “डिटेक्टिव ब्योमकेश बख्शी!”, “एमएस धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी”, “राबता”, “केदारनाथ”, “सोनचिड़िया”, “छिछोरे”, “ड्राइव” और “दिल बेचारा” जैसी फिल्मों के जरिए सुशांत युवाओं को प्रेरित करते रहे हैं। 40 साल की उम्र में, सुशांत को उनके बीते वर्षों के लिए नहीं, बल्कि उस जीवन की गहराई के लिए याद किया जाता है जिसके साथ उन्होंने अपनी जिंदगी को जिया

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