USA: अमेरिका के संघीय जज का फैसला, ट्रंप प्रशासन की ‘तीसरे देश’ में डिपोर्टेशन पॉलिसी गैर-कानूनी

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USA: ट्रंप प्रशासन की प्रवासियों को तीसरे देशों’ में डिपोर्ट करने की नई नीति गैरकानूनी है और इसे रद्द किया जाना चाहिए। अमेरिका के एक संघीय जज ने बुधवार को एक ऐसे मामले में फैसला सुनाया, जो पहले ही देश की सर्वोच्च अदालत में पहुंच चुका है। मैसाचुसेट्स के अमेरिकी जिला न्यायाधीश ब्रायन ई. मर्फी ने अपने फैसले को 15 दिनों के लिए स्थगित करने पर सहमति जताई, जिससे सरकार को इस मामले में उनके इस फैसले के खिलाफ अपील करने का समय मिल गया। USA:

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मर्फी ने कहा कि अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले साल प्रशासन के पक्ष में फैसला सुनाया था, जिससे मर्फी का पिछला फैसला स्थगित हो गया था और कई प्रवासियों को ले जा रहे एक विमान को युद्धग्रस्त देश दक्षिण सूडान की अपनी यात्रा जाना पड़ा था, जहां उनका कोई लेना-देना नहीं था। USA

मर्फी ने कहा कि गृह सुरक्षा विभाग की नीति को चुनौती देने वाले प्रवासियों को ‘उचित सूचना’ का अधिकार है और उन्हें किसी ‘तीसरे देश’ में भेजे जाने से पहले आपत्ति जताने का अवसर मिलना चाहिए। न्यायाधीश ने आखिर में कहा, “ये नीति ‘तीसरे देश’ में निर्वासन के खिलाफ वैध चुनौतियों को समाप्त कर देती है, क्योंकि ये उन चुनौतियों को उठाए जाने से पहले ही निर्वासन को प्रभावी कर देती है।”USA:

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मर्फी ने लिखा, “ये हमारे कानून हैं और संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्म लेने के अविश्वसनीय सौभाग्य के लिए गहरी कृतज्ञता के साथ, यह न्यायालय इन कानूनों और हमारे राष्ट्र के मूलभूत सिद्धांत की पुष्टि करता है कि इस देश में किसी भी ‘व्यक्ति’ को ‘कानून की उचित प्रक्रिया के बिना जीवन, स्वतंत्रता या संपत्ति से वंचित’ नहीं किया जा सकता है।”जून में सुप्रीम कोर्ट के रूढ़िवादी बहुमत ने फैसला किया कि इमिग्रेशन अधिकारी लोगों को ‘तीसरे देशों’ में तुरंत निर्वासित कर सकते हैं। उदारवादी न्यायाधीश सोनिया सोतोमेयर और केतनजी ब्राउन जैक्सन ने असहमति जताते हुए कहा कि ये फैसला सरकार को विशेष सुविधा देता है।मर्फी ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने बार-बार उनके आदेशों का उल्लंघन किया है या उल्लंघन करने का प्रयास किया है।USA:

उन्होंने जिक्र किया कि पिछले मार्च में रक्षा विभाग ने मर्फी द्वारा जारी किए गए अस्थायी निषेधाज्ञा के तहत आवश्यक प्रक्रिया का पालन किए बिना करीब छह समूह सदस्यों को अल साल्वाडोर और मैक्सिको निर्वासित कर दिया था।डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा न्यायाधीश के पद के लिए नामित किए गए मर्फी ने लिखा, “वास्तविकता ये है कि किसी भी व्यक्ति के दावे की वैधता के बारे में कोई नहीं जानता क्योंकि प्रशासनिक अधिकारी मूल तथ्य को छिपा रहे हैं कि किस देश से निकाला जा रहा है।USA

”मर्फी ने कहा कि डीएचएस की ‘तीसरे देश’ से निष्कासन नीति उन प्रवासियों को निशाना बना रही है, जिनको अपने देश में यातना या अन्य प्रकार के उत्पीड़न का डर था।अमेरिकी इमिग्रेशन और कस्टम्स एनफोर्समेंट अधिकारियों ने बताया कि मई में दक्षिण सूडान भेजे गए आठ पुरुषों को अमेरिका में अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था और उनके खिलाफ निष्कासन के अंतिम आदेश जारी किए गए थे।USA:

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