Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के कुछ इलाके बाढ़ की सबसे ज्यादा आशंका वाले क्षेत्रों में से हैं। यहां घाघरा और मोहना नदियां अक्सर उफान पर रहती हैं, जिससे मॉनसून के दौरान हफ्तों तक जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। इस साल भी इस इलाके में बाढ़ आई है और कई गांवों का संपर्क टूट गया है, जिससे एम्बुलेंस और आपातकालीन टीमों का लोगों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
इसे ध्यान में रख कर स्थानीय प्रशासन ने इन इलाकों में गर्भवती महिलाओं को समय पर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए एक योजना बनाई है। अधिकारियों ने बाढ़ की आशंका वाले 38 गांवों में 202 गर्भवती महिलाओं की पहचान की है, खासकर उन महिलाओं की जिनका प्रसव अगले तीन महीनों में होने वाली है। Uttar Pradesh
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मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा) और सहायक नर्स मिडवाइफ (एएनएम) को आपातकालीन दवा किट उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि गर्भवती महिला को तत्काल चिकित्सा की जरूरत होने पर वे प्राथमिक सहायता प्रदान कर सकें। आशा कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने और उन्हें यथाशीघ्र निकटतम स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। जिले में 15 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिनमें से नौ बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में हैं। Uttar Pradesh
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बाढ़ की आशंका वाले सभी इलाकों में इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें तैनात की गई हैं, ताकि जरूरतमंदों को समय पर चिकित्सा मदद मिल सके। अग्रिम पंक्ति के कर्मचारी इस प्रक्रिया में एक अहम कड़ी हैं और अधिकारियों का कहना है कि वे कमजोर वर्ग के लोगों तक समय पर जरूरी स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। Uttar Pradesh
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