Uttarakhand: 32 लाख कैश, लाखों के जेवर और 12 लग्जरी घड़ियां… ED की रेड के बाद हरीश रावत का बड़ा फैसला

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Uttarakhand: 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने देहरादून में कई ठिकानों पर छापेमारी की, चंदन सिंह जीना के घर से नकदी, सोना और महंगी घड़ियां मिलने का दावा किया गया है।

न्‍यूज डेस्‍क: प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने उत्तराखंड की 2016 ग्राम पंचायत विकास अधिकारी यानी VPDO परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 10 सितंबर को देहरादून में कई ठिकानों पर तलाशी ली। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के पूर्व ओएसडी और PA रहे चंदन सिंह जीना का ठिकाना भी शामिल था। ED के मुताबिक, जीना के आवास से 32 लाख रुपये की बेहिसाबी नकदी बरामद हुई। इसके अलावा 200.5 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियां भी मिलीं। रिपोर्टों के मुताबिक बरामद सोने में 13 सोने के सिक्के और 7 सोने की चेन शामिल हैं। घड़ियों में Rolex, Rado और Piaget जैसे ब्रांड के नाम भी सामने आए हैं।Uttarakhand

ED के मुताबिक, चंदन सिंह जीना और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़े बैंक खातों में मौजूद 52.16 लाख रुपये की रकम भी फ्रीज की गई है। एजेंसी ने उनका मोबाइल फोन भी कब्जे में लिया है, जिसकी फोरेंसिक जांच की जाएगी। जांच एजेंसी का आरोप है कि तलाशी से पहले की जांच में बड़ी रकम नकद खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई, लेकिन उसके स्रोत को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। ED का कहना है कि बरामद नकदी और सामने आए नकद खर्च उनकी ज्ञात आय के स्रोत से मेल नहीं खाते। यहां यह साफ करना जरूरी है कि 32 लाख रुपये की नकदी बरामदगी और 52.16 लाख रुपये की बैंक रकम दो अलग-अलग आंकड़े हैं। कुल संपत्ति की कीमत करीब 1.28 करोड़ रुपये बताई गई है।

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यह पूरा मामला उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग यानी UKSSSC की 2016 में हुई ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। ED की जांच उत्तराखंड पुलिस और विजिलेंस से दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई। एजेंसी के मुताबिक जांच में आरोप है कि परीक्षा की OMR शीट के साथ छेड़छाड़ की गई और कुछ अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने के लिए उत्तरों में बदलाव किए गए। इसी सिलसिले में ED ने तत्कालीन UKSSSC अधिकारियों, OMR प्रोसेसिंग से जुड़ी निजी कंप्यूटर एजेंसी और कथित बिचौलियों से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली। चंदन सिंह जीना 2014 से 2017 के बीच हरीश रावत के मुख्यमंत्री कार्यकाल में OSD रह चुके हैं।Uttarakhand

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ED की कार्रवाई के बाद हरीश रावत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि टीवी चैनलों पर चंदन सिंह जीना के ठिकाने से नकदी और आभूषण बरामद होने की खबरें चल रही हैं, लेकिन पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद सामने आएगी। रावत ने कहा कि जीना लंबे समय तक उनके साथ अलग-अलग पदों पर काम कर चुके हैं और वह उन्हें विनम्र व जिम्मेदार व्यक्ति के तौर पर जानते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर ग्राम सेवक भर्ती में OMR शीट से छेड़छाड़ या किसी दूसरी अनियमितता के प्रमाण सामने आते हैं, तो वह खुद को शर्मिंदा महसूस करेंगे। फिलहाल उन्होंने इन आरोपों पर विश्वास नहीं होने की बात कही है। रावत ने भर्ती प्रक्रिया में अपनी भूमिका पर भी सफाई दी और कहा कि अगर उनके कार्यकाल में किसी फैसले में गलती हुई हो तो वह उत्तराखंड के लोगों से माफी मांगते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके तीन साल के कार्यकाल में 42 हजार से ज्यादा सरकारी पदों पर भर्तियां हुई थीं।Uttarakhand

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हरीश रावत ने इस कार्रवाई को आगामी उत्तराखंड चुनाव के राजनीतिक माहौल से भी जोड़कर देखा। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके एक सहयोगी के घर कार्रवाई के जरिए एक राजनीतिक ‘नरेटिव’ बनाने की कोशिश की गई है। रावत ने कहा कि वह नहीं चाहते कि उनकी वजह से कांग्रेस के संघर्ष को कोई नुकसान पहुंचे। इसी वजह से उन्होंने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य और कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य के पद से हटने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि वह किसी सरकारी पद पर नहीं हैं, इसलिए त्यागपत्र देने का सवाल नहीं है, लेकिन पार्टी हित में इन दोनों संगठनात्मक पदों से हटना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने जांच एजेंसियों से सहयोग की बात कही और सार्वजनिक अपील की कि अगर भर्ती या नियुक्तियों में उनकी किसी तरह की संलिप्तता के प्रमाण किसी के पास हैं, तो उन्हें ED, CBI या राज्य पुलिस को सौंपा जाए। उन्होंने कहा कि अगर उनकी कोई गलती साबित होती है तो कानून के अनुसार उन्हें दंड मिलना चाहिए।

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