कर्नाटक में राजनीतिक घटनाक्रम अचानक बदलता हुआ दिख रहा है। बीते कल दिल्ली में हुई बैठक के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कल बेंगलुरु में सीएम आवास पर विधायकों की बैठक बुलाई है। इस बैठक को सीएम के इस्तीफे की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
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कर्नाटक में राजनीतिक घटनाक्रम अचानक तेजी से बदलता दिख रहा है। बीते कल कांग्रेस हाईकमान की दिल्ली में हुई लंबी बैठक के बाद अब सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की अटकलें शुरू हो गई है। बीते कल दिल्ली में हाईकमान के साथ हुई बैठक के बाद अब सीएम सिद्धारमैया ने कल बेंगलुरु में पार्टी के विधायकों की बैठक बुलाई है। इसमें डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार भी शामिल होंगे।
चर्चा है कि इस बैठक में सीएम सिद्धारमैया कोई बड़ा निर्णय कर सकते है। दरअसल पार्टी नेतृत्व की ओर से सीएम सिद्धारमैया को सत्ता स्थानांतरण का इशारा किया गया है हालांकि इसकी टाइमिंग का फैसला सिद्धारमैया पर छोड़ा गया है। कल सिद्धारमैया ने विधायको की ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई है, जिसे फेयरवेल के तौर पर भी देखा जा रहा है।
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हालांकि कांग्रेस आधिकारिक तौर पर इसे राज्यसभा और एमएलसी चुनावों की चर्चा बता रही है, लेकिन सूत्र साफ कह रहे हैं कि 2023 के पावर-शेयरिंग फॉर्मूले यानी 2.5 साल सिद्धारमैया, फिर शिवकुमार को लागू किये जाने की तैयारी की जा रही है। चर्चा तो यहां तक पहुच गयी है कि डीके शिवकुमार 30 मई के आसपास शपथ ले सकते हैं। वहीं सिद्धारमैया के बेटे यथिंद्र को कैबिनेट में जगह मिलने की संभावना है जबकि खुद सिद्धारमैया को राज्यसभा सीट ऑफर की गई है। जाहिर है ऐसे में कल सीएम सिद्धारमैया की अगुवाई में बेंगलुरु में होने जा रही कांग्रेस विधायकों की बैठक काफी महत्वपूर्ण हो गई है।
