पहलगाम आतंकी हमले को आज पूरा एक साल बीत गया है, लेकिन कानपुर के शुभम द्विवेदी के परिवार का दुख ज़रा भी कम नहीं हुआ है। हमले की पहली बरसी पर कानपुर का द्विवेदी परिवार दिवंगत बेटे को याद कर भावुक है। आज शुभम समेत सभी 26 मृतकों को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम रखा गया है।
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कानपुर के रहने वाले शुभम उन 26 नागरिकों में से एक थे जिन्हें आतंकियों ने धर्म पूछकर मौत के घाट उतार दिया था। 22 अप्रैल 2025 को हुए उस आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। शुभम के दुनिया से विदा होने के बाद से उनके पिता संजय द्विवेदी हर दिन उनको याद करते हैं। बीते साल का वो भयानक दिन आज भी उनके परिवार पर बुरा असर डालता है। वहीं शुभम की पत्नी, ऐशन्या बताती हैं कि भले ही एक साल बीत गया हो लेकिन वो मंजर आज भी उन्हें सताता है।
पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर शुभम का परिवार 22 अप्रैल को कानपुर में सभी 26 मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक कार्यक्रम करने जा रहा है। ये बात सच है कि भगवान जब भी दुख देता है तो उसे सहने के लिए दृढ़ संकल्प भी देता है। गम के साये में डूबा शुभम के परिवार ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में सरकार की सख्त कार्रवाई का समर्थन किया है। शुभम के जाने से उनके परिवार के लिए समय थम सा गया है। पहलगाम हमले ने परिवार को ऐसे जख्म दिए हैं जिनका इलाज समय के अलावा किसी के पास नहीं।
