Gas-Oil Crisis: खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव के बीच भारत में गैस और तेल की आपूर्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर आज केंद्र सरकार ने स्थिति साफ़ कर दी है। एक अहम अंतरमंत्रालय प्रेस कॉन्फ्रेंस में पेट्रोलियम, शिपिंग और विदेश मंत्रालय के बड़े अधिकारियों ने देश को भरोसा दिलाया है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय की प्रतिनिधि सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत है।
सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत वर्तमान में 40 अलग-अलग देशों से क्रूड ऑयल का आयात कर रहा है, ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता न रहे। राहत की बात यह है कि हमारा 70 फीसदी क्रूड ‘नॉन-हरमुज’ क्षेत्र से आ रहा है, जो फिलहाल सुरक्षित है। सुजाता शर्मा ने आगे बताया कि देश में प्रतिदिन 1.89 मैट्रिक मिलियन क्यूबिक की खपत हो रही है और घरेलू इस्तेमाल के लिए 100 फीसदी आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। साथ ही अपील की है कि जनता सिलेंडर बुकिंग को लेकर ‘पैनिक’ न करे, स्टॉक पर्याप्त है।
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वहीं, शिपिंग मंत्रालय के सचिव राजेश कुमार सिंह ने समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर अपडेट देते हुए बताया कि वर्तमान में भारत के 28 वेसल मालवाहक जहाज ऑपरेट हो रहे हैं। सरकार सुरक्षा के लिहाज से हर एक वेसल की पल-पल की निगरानी कर रही है ताकि सप्लाई चेन में कोई बाधा न आए। खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों और वहां के हालातों पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे काम करने वाला कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने खुद खाड़ी देशों के नेताओं से बात की है ताकि वहां शांति और भारतीयों की सुरक्षा बनी रहे।वही दुबई से एक दुखद खबर भी आई है, जहाँ एक भारतीय नागरिक घायल हुआ है। उसका इलाज जारी है और मंत्रालय लगातार उनके संपर्क में है। साफ है कि वैश्विक स्तर पर चुनौतियां बड़ी हैं, लेकिन भारत सरकार ने अपनी तैयारियों से यह संदेश दे दिया है कि न तो तेल की कमी होने दी जाएगी और न ही अपने नागरिकों की सुरक्षा से समझौता होगा।
