Union Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार यानी आज 1 फरवरी को केंद्रीय बजट में तमिलनाडु के लिए कई योजनाओं की घोषणा की, जिनमें चेन्नई के लिए हाई-स्पीड रेल लिंक, पश्चिमी घाट के पोधिगई मलाई में पर्यावरण के अनुकूल पर्वतीय मार्ग और एक दुर्लभ पृथ्वी गलियारा शामिल हैं। उन्होंने पुलिकट झील के किनारे पक्षी अवलोकन पथों का निर्माण और आदिचनल्लूर के पुरातात्विक स्थल को एक जीवंत, अनुभव जन्य सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में विकसित करने जैसी अन्य घोषणाएं भी कीं।
Read Also: फोन टैप मामला! पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर से हैदराबाद में पूछताछ करेगी एसआईटी
आदिचनल्लूर के संबंध में खुदाई से प्राप्त भू-भागों को सुनियोजित पैदल मार्गों के माध्यम से जनता के लिए खोला जाएगा। संरक्षण प्रयोगशालाओं, व्याख्या केंद्रों और गाइडों की सहायता के लिए आकर्षक कहानी कहने के कौशल और प्रौद्योगिकियों को पेश किया जाएगा। मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ यात्री प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए, ‘‘हम शहरों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करेंगे, जो विकास को जोड़ने वाले ‘कनेक्टर’ के रूप में काम करेंगे तथा हैदराबाद-चेन्नई और चेन्नई-बेंगलुरू उनमें शामिल होंगे। Union Budget 2026 Union Budget 2026
’’उन्होंने कहा, ‘‘रेयर अर्थ पर्मानेंट मैग्नेट के लिए एक योजना नवंबर 2025 में शुरू की गई थी। अब हम खनिज समृद्ध राज्यों–ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान एवं विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए समर्पित दुर्लभ खनिज गलियारे स्थापित करने में सहायता देने का प्रस्ताव करते हैं।’’ वित्त मंत्री ने कहा कि भारत में विश्व स्तरीय ‘ट्रेकिंग और हाइकिंग’ अनुभव प्रदान करने की क्षमता और अवसर मौजूद हैं इसलिए, पश्चिमी घाट के पोधिगई मलाई में पर्यावरण के अनुकूल पर्वतीय मार्ग विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “शहर भारत के विकास, नवाचार और अवसरों के इंजन हैं। अब हम द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों और यहां तक कि मंदिर-नगरों पर भी ध्यान केंद्रित करेंगे, जिन्हें आधुनिक बुनियादी ढांचे और मूलभूत सुविधाओं की आवश्यकता है। Union Budget 2026
Read Also: न्यायमूर्ति स्वामीनाथन के खिलाफ टिप्पणी पर केस दर्ज, DGP ने दी जानकारी
इस बजट का उद्देश्य विशिष्ट विकास कारकों के आधार पर शहरी आर्थिक क्षेत्रों (सीईआर) का मानचित्रण करके शहरों की आर्थिक शक्ति को और अधिक बढ़ाने की क्षमता विकसित करना है। प्रत्येक सीईआर के लिए पांच वर्षों में 5000 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित है, ताकि सुधार-सह-परिणाम आधारित वित्तपोषण तंत्र के साथ चुनौती-आधारित पद्धति के माध्यम से उनकी योजनाओं को कार्यान्वित किया जा सके।” तमिलनाडु में हजारों मंदिर और रामेश्वरम जैसे तीर्थ केंद्र हैं, मदुरै, कांचीपुरम और कुंभकोणम सहित कई मंदिर-नगर हैं।
