Srinagar: जम्मू कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को लोकसभा सदस्य आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ डिजिटल मंचों का इस्तेमाल करके सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने के मकसद से गलत सूचनाएं फैलाने के आरोप में मामला दर्ज किया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। पुलिस के बयान में कहा गया है कि डिजिटल और सोशल मीडिया मंचों पर ‘‘झूठी, मनगढ़ंत और भ्रामक सामग्री’’ के प्रसार के आरोप में मेहदी और श्रीनगर के पूर्व महापौर जुनैद अजीम मट्टू के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं। Srinagar:
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बयान में कहा गया है, ‘‘प्रथम दृष्टया, विचाराधीन सामग्री अपुष्ट सूचनाओं के प्रसार को दर्शाती है, जो सार्वजनिक शांति और सामाजिक सद्भाव बिगड़ने का कारण बन सकती है। गलत सूचना फैलाने के इस तरह के जानबूझकर किये गए प्रयास शांति, सुरक्षा और समग्र स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।’’पुलिस ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किये गए हैं और जांच शुरू कर दी गई है। Srinagar:
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यह कार्रवाई श्रीनगर से लोकसभा सदस्य मेहदी के उस दावे के बाद हुई, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके सुरक्षा घेरे में कमी कर दी गई है।नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता ने यह भी कहा कि ‘‘ऐसे मूर्खतापूर्ण कृत्य’’ उन्हें ‘‘लोगों पर अत्याचार’’ के विरूद्ध आवाज उठाने से नहीं रोक सकेंगे।श्रीनगर शहर के पूर्व महापौर मट्टू ने भी दावा किया कि ईरान पर अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर उनके बयानों के कारण उनकी सुरक्षा वापस ले ली गई।मट्टू ने दावा किया कि इस कदम का उद्देश्य उन्हें ‘‘चुप’’ कराना है। Srinagar:
