Karmaveer Singh Baudh: हरियाणा से राज्यसभा की दो सीटें 9 अप्रैल को खाली हो रही हैं, जिसके लिए 16 मार्च को चुनाव होना है। नामांकन का आखिरी दिन 5 मार्च यानी आज है। कांग्रेस ने अपनी ओर से कर्मवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा ने संजय भाटिया का नाम तय किया है।
बात करें कर्मवीर बौद्ध के पॉलिटिकल करियर की तो वो लगभग 4 साल पहले प्रशासनिक अधिकारी (एजीओ) के पद से रिटायर हुए हैं। सचिवालय में खरीद-फरोख्त का काम देखते थे और केयरटेकर भी रह चुके हैं। वे कांग्रेस में किसी भी गुट या खेमे से जुड़े हुए नेता नहीं माने जाते हैं। राहुल गांधी ने खुद उनके नाम का सुझाव दिया था। राव नरेंद्र सिंह ने भी उनके नाम को पसंद किया। कर्मवीर बौद्ध 5 मार्च को दोपहर 1 बजे नामांकन दाखिल करेंगे, उनके साथ राव नरेंद्र सिंह भी शामिल होंगे। उन्होंने नाम तय होने के बाद पार्टी और सोनिया गांधी का आभार जताया है।
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राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया – राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया एक अनोखी प्रक्रिया है, जिसमें जनता सीधे तौर पर भाग नहीं लेती। राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव अप्रत्यक्ष रूप से होता है, जिसमें राज्य के विधायक अपने वोट डालते हैं। राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है, लेकिन हर 2 वर्ष में एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं। राज्यसभा के चुनाव में केवल विधायक ही मतदान करते हैं। जिस पार्टी के पास सबसे ज्यादा विधायक होते हैं, वह पार्टी राज्यसभा में सबसे ज्यादा सदस्यों को भेजती है। राज्यसभा चुनाव में विधायकों को अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देने की स्वतंत्रता होती है।
नामांकन प्रक्रिया में उम्मीदवार अपना नामांकन पत्र दाखिल करते हैं। इसके बाद नामांकन पत्रों की छंटनी की जाती है। मतदान के दौरान विधायक अपने वोट डालते हैं। वोटों की गिनती की जाती है और परिणाम घोषित किया जाता है। इस प्रक्रिया से राज्यसभा में विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होता है और राष्ट्रीय स्तर पर राज्य के हितों की आवाज उठाई जा सकती है।
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