Priyank Kharge: कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे ने शनिवार को केंद्र सरकार की विदेश नीति की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा “कमजोर” हो रही है और केंद्र सरकार भारत की आर्थिक और ऊर्जा नीतियों पर वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारियों की टिप्पणियों का कड़ा जवाब देने में “विफल” रही है।कलबुर्गी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए खरगे ने इस मुद्दे पर बीजेपी नेताओं की “चुप्पी” पर भी सवाल उठाया और उन पर देश की गरिमा की रक्षा करने के बजाय “विपक्षी नेताओं पर हमला करने” का आरोप लगाया। Priyank Kh
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेेटे ने कहा, “केंद्र सरकार को कम से कम थोड़ी शर्म तो आनी चाहिए। उन्होंने व्यावहारिक रूप से हमारी पूरी विदेश नीति को संयुक्त राज्य अमेरिका के पास गिरवी रख दिया है। आज हमारी गरिमा का कोई मूल्य नहीं रह गया है। दिल्ली में अमेरिकी उप-विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ द्वारा कथित तौर पर की गई टिप्पणियों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि ये टिप्पणियां दर्शाती हैं कि विदेशी सरकारें भारत की आर्थिक दिशा पर खुलेआम चर्चा कर रही हैं।
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उन्होंने कहा, “कल आपने शायद देखा होगा, अमेरिका के एक उप-सचिव ने दिल्ली में कहा कि भारत में वो गलती नहीं दोहराएंगे जो उन्होंने चीन के साथ की थी, ‘हम भारत को विकास करने की इजाजत नहीं देंगे’।”खरगे ने चल रहे युद्ध के बीच रूस से कच्चे तेल के आयात को लेकर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट की टिप्पणियों का हवाला दिया।उन्होंने कहा, “कल अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि युद्ध के कारण उन्होंने (अमेरिका ने) भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए 30 दिन की इजाजत दी है।”उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र सरकार ने ऐसे बयानों पर कड़ी प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी। Priyank Kharge:
