Crime News: उत्तर प्रदेश के बदायूं में इथेनॉल संयंत्र के दो वरिष्ठ अधिकारियों की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना मुसाझग थाना क्षेत्र के सेजनी गांव में स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के पंप पर हुई थी। मृतकों की पहचान संयंत्र के महाप्रबंधक सुधीर कुमार गुप्ता (58) और सहायक महाप्रबंधक हर्षित मिश्रा (34) के रूप में हुई। Crime News:
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि कथित शूटर अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू स्थानीय निवासी है और वो पहले विक्रेता था जिसे अधिकारियों ने ब्लैकलिस्टेड कर दिया था।अधिकारियों ने बताया कि मृतक सुधीर कुमार गुप्ता ने हाल ही में कुछ कर्मचारियों को बर्खास्त किया था और उन विक्रेताओं को ब्लैकलिस्ट किया था जिनका काम संतोषजनक नहीं था। अजय प्रताप सिंह भी हटाए गए लोगों में शामिल था। Crime News:
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अधिकारियों ने बताया कि बर्खास्तगी के बाद से अजय प्रताप सिंह महाप्रबंधक से नाराज़ था और उन्होंने कई बार उन्हें धमकी भी दे चुका था।अजय ने एक बार सुधीर की कार पर भी हमला किया था, जिसके बाद उनके खिलाफ दातागंज कोतवाली पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अजय गुरुवार को दोपहर करीब 2 बजे कारखाने पहुंचा और सुरक्षा द्वार पार करके उस कॉन्फ्रेंस रूम में घुस गया जहां सुधीर गुप्ता और दूसरे अधिकारी मौजूद थे। अजय की पहले सुधीर गुप्ता से तीखी बहस हुई और उसके बाद उसने कथित तौर पर फायरिंग भी कर दी। दूसरे अधिकारी हर्षित मिश्रा को भी गोली लग गई। दोनों अधिकारियों की मौके पर ही मौत हो गई।Crime News:
एचपीसीएल के क्षेत्रीय प्रबंधक (बरेली) देवानंद ने बताया कि जीएम गुप्ता की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार, पहली बड़ी घटना 13 जनवरी को हुई थी, जब आरोपी ने कथित तौर पर एक ठेकेदार की कार में जबरदस्ती घुसकर एचपीसीएल संयंत्र परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद वह सीधे उस कॉन्फ्रेंस रूम में गया जहां अधिकारी उस समय बैठक कर रहे थे।Crime News:
अधिकारियों ने बताया कि 13 जनवरी की घटना 12 मार्च की घटना से भयावह रूप से मिलती-जुलती थी, क्योंकि आरोपी उस दिन भी उसी कॉन्फ्रेंस हॉल में घुस गया था।उसने कथित तौर पर कमरे में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें दो अधिकारियों की मौत हो गई और फिर वह वहां से चला गया।चश्मदीदों के मुताबिक, मौके पर मौजूद किसी ने भी उसे रोकने या पकड़ने की हिम्मत नहीं की।
इससे पहले आरोपी ने नोएडा के एक गिरोह से संबंध होने का दावा करते हुए अधिकारियों को खुलेआम धमकी दी थी। अधिकारी ने बताया कि उन्हें डराने के लिए उसने अपने शरीर पर चाकू के कई निशान भी दिखाए थे।पिछली एफआईआर के अनुसार, आरोपी ने मृतक की कार को प्लांट से निकलते समय रोका था और उन्हें धमकी दी थी।14 जनवरी को आरोपी कथित तौर पर फिर से प्लांट परिसर में घुस गया। वह लोकेशन इनचार्ज के कार्यालय में गया और अधिकारियों पर चिल्लाने लगा और उन्हें तरह-तरह की धमकियां देने लगा।Crime News:
