Haryana: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्राकृतिक और जैविक खेती समारोह में की बतौर मुख्य अतिथि शिरकत। कुरुक्षेत्र में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री का संबोधन।कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर आयोजित प्राकृतिक और जैविक खेती समारोह में शामिल होना मेरे लिए गर्व की बात।गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन।आचार्य देवव्रत जी प्राकृतिक व जैविक खेती अभियान को आगे बढ़ाने में कर रहे हैं अनुकरणीय कार्य।इन्होंने अपने जीवन को समाज सेवा, शिक्षा और विशेष रूप से प्राकृतिक खेती के प्रसार के लिए किया समर्पित। Haryana
LIVE: Natural & Organic Farming in Haryana Program (Kurukshetra) https://t.co/Z4ewrF1AJz
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) June 7, 2026
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उनके प्रयासों से गुरुकुल कुरुक्षेत्र में 180 एकड़ भूमि में बना प्राकृतिक कृषि फार्म हरियाणा के किसानों के लिए प्राकृतिक खेती का एक अनूठा उदाहरण।हमारी संस्कृति हमें सिखाती है कि जल, जंगल और जमीन तीनों ही जीवन के आधार स्तंभ, इनका संरक्षण ही सतत विकास का आधार।प्राकृतिक खेती केवल एक तकनीक नहीं यह एक संपूर्ण जीवन दर्शन।इस खेती में प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके उतनी ही पैदावार ली जा सकती है जितनी रासायनिक खादों के इस्तेमाल से होती है। Haryana
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प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2022 में प्राकृतिक खेती योजना की गई शुरू।प्राकृतिक खेती के लिए शुरू किए गए पोर्टल पर लगभग 2 लाख किसानों ने तीन लाख एकड़ क्षेत्र का करवाया पंजीकरण।वर्ष 2025- 26 के दौरान प्रदेश में 20 हजार 727 एकड़ क्षेत्र पर की गई प्राकृतिक खेती।प्राकृतिक खेती अपनाने हेतु प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कुरुक्षेत्र, जींद, सिरसा और करनाल में किए गए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित।अब तक 12 हजार 188 प्रतिभागियों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण।APEDA प्रमाणित प्राकृतिक व जैविक किसानों को 5 वर्षों की अवधि के लिए प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दी जाएगी वित्तीय सहायता। Haryana
कृषि विभाग के स्वामित्व वाली लगभग 800 एकड़ भूमि केवल उन्हीं किसानों को पट्टे पर दी जाएगी जो कम से कम अगले 10 वर्षों तक प्राकृतिक व जैविक खेती करें।किसानों को जैविक खेती प्रमाणीकरण के लिए हरियाणा राज्य बीज प्रमाणीकरण एजेंसी को एक प्रमाणीकरण संस्था बनाया जाएगा।मोरनी ब्लॉक को एक प्राकृतिक व जैविक ब्लॉक के रूप में किया जाएगा विकसित।हमारी सरकार ने किसान हित के लिए प्रदेश में चलाई कई जनकल्याणकारी योजनाएं।हरियाणा में मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में 21 फसलें की गई शामिल।हम बीज से बाजार तक हर कदम पर किसानों के साथ खड़े हैं।भावी पीढ़ी को उपजाऊ भूमि, स्वच्छ जल और स्वच्छ पर्यावरण सौंपे, ये तभी संभव होगा जब हम प्राकृतिक खेती को अपनाएंगे। Haryana
