प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने मंगलवार को पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की और क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा तथा स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए बातचीत, कूटनीति व अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान के महत्व पर जोर दिया। दोनों नेताओं की मुलाकात पूर्वी फ्रांस के एवियॉन में G-7 शिखर सम्मेलन के इतर हुई।
‘एक्स’ पर पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने UAE के राष्ट्रपति के साथ अपनी मुलाकात को “बहुत अच्छा” बताया और कहा कि उन्होंने कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों और भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
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प्रधानमंत्री ने कहा, “मेरे भाई, महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ बहुत अच्छी बैठक हुई। हमने भारत-UAE के बीच अलग-अलग क्षेत्रों में संबंधों और हमारी ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।” PM मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात सरकार और राष्ट्रपति के प्रति आभार व्यक्त किया, जिन्होंने UAE में रहने वाले भारतीय समुदाय के लिए “देखभाल और चिंता” दिखाई।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि दोनों पक्षों ने “आपसी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने” के उपायों की समीक्षा की और “पश्चिम एशिया क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता” पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि बैठक के दौरान मोदी ने “पश्चिम एशिया क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए बातचीत, कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान” के महत्व पर जोर दिया।
दोनों पक्षों ने “होर्मुज जलडमरूमध्य से लगातार मुक्त, सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही, व्यापार और वाणिज्य” की भी मांग की। बातचीत के दौरान, मोदी ने अल नाहयान को इस साल के आखिर में भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता भी दिया।
