G7 Summit: G7 के वैश्विक मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर भारत की मजबूत और स्पष्ट आवाज बुलंद की है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में वेस्ट एशिया के संकट और ग्लोबल समुद्री व्यापार पर इसके गंभीर असर को लेकर पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है। G7 समिट में भारत की मजबूत उपस्थिति आज भी दुनिया के पटल पर छाई हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समिट के दौरान वेस्ट एशिया की स्थिति पर चिंता जताते हुए शांति की अपील की है। G7 Summit:
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G7 समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वेस्ट एशिया में शांति स्थापना के प्रयासों में हुई प्रगति का भारत स्वागत करता है। पीएम मोदी ने कहा कि “हम वेस्ट एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं। इस संघर्ष से वेस्ट एशिया में हमारे मित्र देशों को जान-माल का नुकसान झेलना पड़ा है।”पीएम मोदी ने आगे कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री व्यापार बाधित होने से न सिर्फ क्षेत्रीय देशों बल्कि पूरी विश्व अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है। भारत के कई नागरिकों को इस संघर्ष में अपनी जान गंवानी पड़ी है। G7 Summit:
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पीएम मोदी ने कहा कि“होर्मुज़ स्ट्रेट में maritime ट्रेड में आई बाधा के कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा। भारत के कई civilians को जान गंवानी पड़ी है।”प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि वैश्विक समुद्री व्यापार को जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हर देश का साझा दायित्व है। पीएम मोदी ने कहा कि “Global maritime ट्रेड के माध्यम से सभी देशों को आपस में जोड़ने वाले नाविकों की सुरक्षा हमारा दायित्व है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री मार्ग सुरक्षित रहें, और Seafarers बिना भय के अपना कार्य कर सकें।” G7 Summit:
बहरहाल G7 के मंच पर पीएम मोदी के इस संबोधन से G7 देशों को समुद्री सुरक्षा और वेस्ट एशिया शांति पर ठोस कदम उठाने का संदेश गया है। भारत लगातार क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक व्यापार सुरक्षा की पैरवी करता रहा है।G7 समिट में प्रधानमंत्री मोदी का यह संबोधन भारत की वैश्विक भूमिका को एक बार फिर मजबूत करता है।अपने संबोधन में पीएम मोदी ने साफ कर दिया है कि भारत न सिर्फ वैश्विक शांति का पक्षधर है, बल्कि ग्लोबल इकोनॉमी की लाइफलाइन यानी समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
