Uttarakhand: देहरादून जिले की हिमाचल प्रदेश से सटी विकासनगर—कुल्हाल सीमा से उत्तराखंड में जबरन घुसे निहंग सिख पुलिस और प्रशासन से बातचीत के बाद वापस लौट गए, लेकिन अब भी पुलिस एहतियातन सीमा पर चौकसी बरत रही है। अधिकारियों ने शुक्रवार को ये जानकारी दी।देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने बताया कि सीमा पर गुरुवार रात बन रही स्थिति का सौहार्दपूर्वक समाधान हो गया है और हालात नियंत्रण में है। उन्होंने कहा, “निहंग साहिबान शांतिपूर्वक पांवटा साहिब (हिमाचल प्रदेश की सीमा में) लौट गए हैं। हालात अब नियंत्रण में हैं। Uttarakhand:
इस संबंध में, देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा कि कुल्हाल सीमा पर पुलिस की तरफ से बंदोबस्त किए गए थे और काफी बड़ी संख्या में निहंगों ने हमारी बात मानते हुए पांवटा साहिब लौटना स्वीकार किया था।हालांकि, डोबाल ने कहा कि कुछ निहंग सीमा से देहरादून में दाखिल हो गए थे और उनकी एक—दो गाडियां रेसकोर्स इलाके तक पहुंची थीं।उन्होंने कहा, “उनसे लंबी बात की गयी और उसके बाद वे भी वापस चले गए। उन्होंने उम्मीद जतायी कि ये सौहार्दपूर्ण वातावरण आगे भी बना रहेगा।”इस बीच, पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुल्हाल सीमा पर पुलिस अब भी हाई अलर्ट पर है और इलाके में पूरी चौकसी बरती जा रही है।Uttarakhand:
पंजाब से निहंग सिखों के एक बड़े जत्थे ने गुरुवार को विकासनगर—कुल्हाल सीमा से उत्तराखंड में जबरन प्रवेश की कोशिश की थी जिनमें से कुछ अंदर भी दाखिल हो गए थे। पुलिस ने सीमा पर उन्हें रोकने के लिए बैरीकेडिंग लगाई हुई थी, लेकिन अस्त्र—शस्त्रों से लैस निहंग बैरीकेडिंग पर चढ़ गए और उसे हटा दिया। मौके पर खड़ी कुछ गाड़ियों में भी निहंगों ने कथित तौर पर तोड़—फोड़ की और उनके कांच तोड़ डाले। एक वीडियो फुटेज में निहंग तलवार लहराते भी नजर आए और काफी देर अराजकता की स्थिति बनी रही। Uttarakhand:
इसी दौरान, कुछ निहंग उत्तराखंड में प्रवेश कर गए और मौके पर तैनात पुलिस बेबस सी नजर आई। निहंगों को रोकने के लिए पुलिस शहर के विभिन्न चौराहों पर नाकेबंदी करती रही। हालांकि, निहंग अलग-अलग संपर्क मार्गों से शहर के अंदर दाखिल होते हुए रेसकोर्स तक पहुंच गए।निहंग चमोली के कर्णप्रयाग में हुई घटना में गिरफ्तार अपने साथियों को छोड़े जाने की मांग कर रहे थे। कर्णप्रयाग में 16 जून को स्थानीय लोगों और निहंग सिखों के बीच मामूली विवाद के दौरान कथित तौर पर तलवार से किये गये हमले में कुछ लोग घायल हुए थे। घटना में एक निहंग सिख भी घायल हुआ था। Uttarakhand:
पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया था। इस घटना के बाद 20 जून को करीब आधा दर्जन निहंग रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए थे और छत की ओर जाने वाला प्रवेशद्वार भी बंद कर लिया था।उन्हें नीचे उतारने में प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी और पंजाब और पांवटा साहिब से आए एक सिख प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के बाद 23 जून की शाम को उन्हें नीचे उतारा जा सका। Uttarak hand:
