रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे के बुनियादी ढांचे और माल ढुलाई में व्यापक सुधारों का किया ऐलान

भारतीय रेलवे को आधुनिक, सुरक्षित और अत्यधिक कुशल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने आज एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज दिल्ली में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और रेलवे के बुनियादी ढांचे और माल ढुलाई में व्यापक सुधारों का ऐलान किया है।

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे सुधार को लेकर आज बड़े कदमों का ऐलान किया है। रेलमंत्री ने यह कदम रेलवे के इस साल के महत्वाकांक्षी संकल्प ’52 सप्ताह में 52 सुधार’ तहत उठाया है। भारतीय रेल में प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करने और पारदर्शिता लाने के लिए रेल मंत्रालय ने ठेकेदारों (Contractors) से जुड़े नियमों को कड़ा कर दिया है। अब परियोजनाओं में देरी या विवादों को रोकने के लिए सख्त पात्रता मानदंड लागू किए गए हैं।

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​ठेकेदारों के लिए नए नियम: काम शुरू होने से पहले रनिंग बिलों के बजाय 10% अपफ्रंट परफॉर्मेंस सिक्योरिटी देनी होगी।

विवादों पर लगाम: जिन ठेकेदारों की लंबित मुकदमेबाजी (Pending Litigation) उनकी कुल नेटवर्थ के 50% से अधिक है, वे अब रेलवे निविदाओं (Bids) के लिए पात्र नहीं होंगे।

इसके साथ ही निर्माण की गुणवत्ता और प्रबंधन को मजबूत करने के लिए ‘प्रोफेशनल इंडेमनिटी इंश्योरेंस’ और ‘ऑल-रिस्क इंश्योरेंस’ को भी शामिल किया गया है।

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि- “रेलवे के कार्यों में अधिक गंभीर और सक्षम लोग ही भाग लें, इसी उद्देश्य से ये सुधार किए गए हैं। हमारा लक्ष्य निर्माण की गुणवत्ता में सुधार करना और उन ठेकेदारों को हतोत्साहित करना है जो मुख्य रूप से मध्यस्थता और मुकदमेबाजी पर ध्यान केंद्रित करते हैं।”

सिर्फ प्रोजेक्ट मैनेजमेंट ही नहीं, रेलवे ने पर्यावरण सुरक्षा और माल ढुलाई (Freight & Logistics) को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों के लिए भी दरवाजे खोल दिए हैं। अब निजी क्षेत्र रेलवे के लिए अपनी परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर फ्रेट वैगन (Freight Wagon) डिजाइन विकसित कर सकेगा, जिसे RDSO द्वारा मूल्यांकन और सुरक्षा प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

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रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है कि अब इंडस्ट्री अपनी जरूरत के हिसाब से वैगन डिजाइन प्रपोज कर सकती है। रेलवे का RDSO ऐसे डिजाइनों का मूल्यांकन करेगा। इसके साथ ही फ्लाई ऐश (Fly Ash) के सुरक्षित परिवहन के लिए विशेष रूप से ढके हुए कंटेनरों की शुरुआत की गई है, जिससे थर्मल पावर प्लांटों से निकलने वाली राख से होने वाले प्रदूषण को रोका जा सके। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नए सुधार के तहत फ्लाई ऐश ट्रांसपोर्टेशन के लिए स्पेशल कंटेनर डिजाइन किए गए हैं।

यूनिफाइड ऑल-इंडिया लाइसेंस: कंटेनर ट्रेन ऑपरेटरों के लिए देश भर में संचालन के लिए एकल लाइसेंस व्यवस्था लागू होगी। सभी रूटों के लिए 25 करोड़ रुपये का एक समान पंजीकरण शुल्क तय किया गया है और 20 साल के सफल संचालन के बाद रिन्यूअल फीस को पूरी तरह हटा दिया गया है।

रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि नए सुधार के तहत कंटेनर क्षेत्र में रिफॉर्म करते हुए नई यूनिफाइड लाइसेंस व्यवस्था लेकर आ रहे हैं। वहीं ​जमीन अधिग्रहण को आसान बनाने के लिए ‘रेल भूमि पोर्टल’ की भी शुरुआत की गई है।

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