विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज नई दिल्ली में साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान जायसवाल ने वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव, भारतीय नाविकों पर हुए हमलों, PoJK में जारी पाकिस्तान क्रूरता, और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर भारत का रुख साफ किया है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अलग-अलग कूटनीतिक मुद्दों पर देश का रुख साफ किया है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर भारत ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। रणधीर जायसवाल ने बताया कि हाल ही में दो जहाजों पर हुए हमलों में एक भारतीय नाविक की दुखद मौत हो गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि, “आज हम लोगों ने ईरानी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन (DCM) को विदेश मंत्रालय में तलब किया और उनके सामने भारत का कड़ा विरोध दर्ज कराया है। जहाजों पर हुए हमले में हमने एक अनमोल भारतीय नागरिक की जान गंवाई है और दो नाविक गंभीर रूप से घायल हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत वाणिज्यिक जहाजों का संचालन सुरक्षित होना चाहिए।”
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ कहा है कि ये हमले तुरंत रुकने चाहिए और दोनों पक्षों को बातचीत तथा कूटनीति का रास्ता अपनाना चाहिए। साथ ही, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और बाब-अल-मंडेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों से व्यापार और नौपरिवहन पूरी तरह सुरक्षित और बिना बाधा होना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में जनता के अधिकारों के हनन और वहां की सरकार की क्रूरता पर भारत ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय पटल पर घेरा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि”PoJK में चल रहे विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान द्वारा दशकों से किए जा रहे शोषण, मौलिक अधिकारों के हनन और प्रशासनिक उत्पीड़न का सीधा परिणाम हैं। वहां की सरकार ने स्थानीय आबादी की जायज मांगों को सुनने के बजाय पुलिस क्रूरता का सहारा लिया है। महिलाओं और बच्चों पर अत्याचार किए जा रहे हैं, इंटरनेट बंद है और आवश्यक दवाओं व भोजन की सप्लाई रोकी गई है। भारत उम्मीद करता है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस दुर्व्यवहार के लिए पाकिस्तान को पूरी तरह जवाबदेह ठहराएगा।”
इसके अलावा, अमेरिकी न्याय विभाग (US Department of Justice) द्वारा हाल ही में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक सिंडिकेट्स के खिलाफ की गई कार्रवाई और कनाडा में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की भूमिका को लेकर भी विदेश मंत्रालय ने अहम टिप्पणी की।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और अमेरिका आतंकवाद तथा ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम (अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध) से निपटने के लिए बेहद करीबी और मजबूत सहयोग साझा करते हैं। कनाडा की सुरक्षा एजेंसी (RCMP) द्वारा दिए गए हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रवक्ता ने कहा कि ये रिमार्क्स अमेरिकी इंडिक्टमेंट के अनुरूप हैं, जो लॉरेंस बिश्नोई आपराधिक समूह के सदस्यों को जिम्मेदार ठहराते हैं।
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भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में साल 2028-29 के लिए अपनी गैर-स्थायी सदस्यता का कैंपेन आधिकारिक तौर पर न्यूयॉर्क में लॉन्च कर दिया है।विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि संयुक्त राष्ट्र के सभी 193 सदस्य देश भारत की दावेदारी का समर्थन करेंगे।
इसके अलावा, विदेश मंत्रालय ने फिलिस्तीन के लिए भारत के निरंतर विकास सहयोग और टू-स्टेट सॉल्यूशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।वियतनाम में हुई नाव दुर्घटना में मारे गए 15 भारतीयों के पार्थिव शरीर को वापस लाने और वहां की सरकार द्वारा की जा रही जांच की भी जानकारी दी गई है।
वहीं पासपोर्ट की वैधानिक स्थिति से जुड़े एक सवाल पर प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि भारतीय पासपोर्ट, पासपोर्ट अधिनियम 1967 के तहत जारी किया जाने वाला एक बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो भारतीय नागरिकों के विदेश प्रस्थान को विनियमित (Regulate) करता है और यह उचित सत्यापन के बाद ही जारी होता है। बहरहाल विदेश मंत्रालय की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस ने साफ कर दिया है कि वैश्विक मंच पर भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा।
