TVK: सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल करूर में हुई भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने संबंधी मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के आदेश को रद्द करने वाले मद्रास हाई कोर्ट के फैसले पर शुक्रवार को रोक लगा दी। न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव समेत अन्य को नोटिस जारी किया।TVK:
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पीठ ने राज्य सरकार के आदेश को चुनौती देने वाले जनहित याचिकाकर्ता से कहा, ‘‘आप सरकार की नीति पर सवाल उठाने वाले कौन होते हैं? मान लीजिए कि इस त्रासदी में किसी परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य की मौत हो गई तो क्या सरकार को उसके बेटे या बेटी को रोजगार नहीं देना चाहिए?’’TVK:
मद्रास हाई कोर्ट ने तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार को झटका देते हुए विजय का वह आदेश 27 जुलाई को रद्द कर दिया था, जिसमें पिछले साल करूर में हुई भगदड़ में मारे गए लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान किया गया था।हाई कोर्ट ने कहा था कि इससे इस प्रकार की मांगों की बाढ़ आ जाएगी।TVK:
उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति सी. वी. कार्तिकेयन और न्यायमूर्ति आर. शक्तिवेल की खंडपीठ की पीठ ने कहा कि सरकारी विभागों में अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति का इंतजार कर रहे कई लोगों की जरूरतों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।TVK:
