Israel में राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने आईजेनकोट को सरकार बनाने का औपचारिक न्योता दिया, 67 सांसदों ने किया समर्थन; बोले- राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार बनाने की कोशिश करूंगा…
News Desk : इजरायल में नई सरकार के गठन को लेकर बड़ा राजनीतिक बदलाव सामने आया है। राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने यशार पार्टी के नेता और पूर्व सेना प्रमुख गादी आईजेनकोट को नई सरकार बनाने का औपचारिक मौका दिया है। चुनाव के बाद सरकार गठन के लिए हुई सलाह-मशविरा प्रक्रिया में 120 सदस्यीय नेसेट के 67 सदस्यों ने आईजेनकोट के पक्ष में समर्थन जताया, जबकि 46 सांसदों ने मौजूदा प्रधानमंत्री और लिकुड नेता बेंजामिन नेतन्याहू का समर्थन किया। हालांकि आईजेनकोट को अभी प्रधानमंत्री कहना जल्दबाजी होगी, क्योंकि उन्हें पहले गठबंधन तैयार करके सरकार बनानी होगी। उन्हें सरकार बनाने के लिए 28 दिन का समय मिला है और जरूरत पड़ने पर 14 दिन की अतिरिक्त मोहलत भी दी जा सकती है।Israel
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राष्ट्रपति हर्जोग ने ईरान से मिल रहे खतरे को भी गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि ईरान की धमकियां जारी हैं और इस चुनौती से निपटना जरूरी है। हर्जोग ने गाजा से जुड़ी 20 सूत्रीय योजना को आगे बढ़ाने, लेबनान और क्षेत्र के दूसरे पड़ोसी देशों के साथ बातचीत जारी रखने तथा देश के भीतर राजनीतिक एकता मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई सरकार को उन सभी इजरायलियों का प्रतिनिधित्व करना चाहिए, चाहे उन्होंने पिछली सरकार का समर्थन किया हो या उसके विरोधी गठबंधन का। आईजेनकोट ने भी सरकार बनाने का मौका मिलने के बाद कहा कि इजरायल बेहद चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। उन्होंने युद्ध, कूटनीतिक संकट और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर चिंता जताते हुए राष्ट्रीय आपातकालीन सरकार बनाने की बात कही।Israel
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आईजेनकोट ने सरकार गठन के लिए नेतन्याहू के खेमे को भी साथ आने का न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि देश की मौजूदा परिस्थितियों में राजनीतिक दलों को अपने व्यक्तिगत और चुनावी हितों से ऊपर उठकर समझौते करने होंगे। हालांकि उनके सामने गठबंधन तैयार करने की बड़ी चुनौती है, क्योंकि 67 सांसदों का समर्थन मिलने के बावजूद सभी दलों का एक साथ सरकार में शामिल होना तय नहीं है। चुनाव के बाद किसी भी पक्ष को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला और सरकार बनाने के लिए 61 सांसदों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में आईजेनकोट के सामने अब अलग-अलग राजनीतिक दलों को साथ लाने की चुनौती है। अगर वह सरकार बनाने में सफल होते हैं तो यह नेतन्याहू के लंबे राजनीतिक वर्चस्व के लिए बड़ा बदलाव होगा; अगर कोशिश नाकाम रहती है तो सरकार बनाने का अगला मौका नेतन्याहू को मिल सकता है।Israel
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