UP की बेटी सबा हैदर ने अमेरिका में रचा इतिहास, इलिनॉय प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीता

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UP की बेटी, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडल हासिल करने वाली सबा हैदर ने अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की। 2007 में पति के साथ अमेरिका गईं सबा अब इलिनॉय की राजनीति में नई पहचान बनाने जा रही हैं।

News Desk : अमेरिका के 2026 के मध्यावधि चुनाव में भारतीय मूल की सबा हैदर ने अपनी जीत से खास पहचान बनाई है। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले से पारिवारिक संबंध रखने वाली सबा ने इलिनॉय हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के 84वें जिले से चुनाव जीत लिया है। इस उपलब्धि के साथ वह इलिनॉय जनरल असेंबली के लिए चुनी जाने वाली पहली दक्षिण एशियाई महिला बन गई हैं। चुनाव में सबा को 70.9 प्रतिशत यानी 20,756 वोट मिले, जबकि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी ब्रायन स्कोपा को 8,520 वोट हासिल हुए। उनका निर्वाचन क्षेत्र विल, डुपेज, केन और केंडल काउंटियों के कुछ हिस्सों में फैला है। इसमें ऑरोरा, नेपरविल, ओस्वेगो और मोंटगोमरी जैसे इलाके शामिल हैं। जीत के बाद सबा ने सोशल मीडिया पर मतदाताओं, परिवार, दोस्तों, चुनाव प्रचार टीम और स्वयंसेवकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनकी टीम ने 15 महीने तक पूरे जिले में लोगों से संपर्क किया और उनकी जरूरतों तथा बदलाव की अपेक्षाओं को समझने की कोशिश की।UP

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बुलंदशहर से अमेरिका तक का सफर
सबा हैदर का परिवार उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के औरंगाबाद कस्बे से ताल्लुक रखता है। उनकी शुरुआती पढ़ाई गाजियाबाद के होली चाइल्ड स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने राम चमेली चड्ढा विश्वास गर्ल्स कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) से वाइल्डलाइफ साइंस में एमएससी की डिग्री हासिल की। इसी विषय में उन्होंने गोल्ड मेडल भी प्राप्त किया। साल 2006 में उनकी शादी कंप्यूटर साइंस इंजीनियर अली काजमी से हुई और 2007 में वह पति के साथ अमेरिका चली गईं। वहां उन्होंने योग शिक्षिका के रूप में काम किया और स्थानीय समुदाय के लोगों से जुड़ीं। उनके दो बच्चे हैं। सबा के माता-पिता ने भी उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई है। उनके पिता सैयद अली हैदर सेवानिवृत्त इंजीनियर हैं। परिवार के गाजियाबाद स्थित पैतृक घर में उनकी जीत का जश्न मनाया गया, जबकि बुलंदशहर में रहने वाले रिश्तेदारों ने भी खुशी जाहिर की।UP

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पहले काउंटी बोर्ड में बनाई पहचान, अब राज्य की राजनीति में कदम
अमेरिका पहुंचने के बाद सबा ने सामुदायिक और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने डुपेज काउंटी बोर्ड में सदस्य के तौर पर काम किया और पर्यावरण, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा सामुदायिक विकास से जुड़े मुद्दों पर अपनी भागीदारी निभाई। उनका राजनीतिक सफर हालांकि पहली कोशिश में सफल नहीं हुआ था। साल 2022 में उन्होंने डुपेज काउंटी बोर्ड का चुनाव लड़ा, लेकिन हार गईं। इसके बाद 2024 में उन्होंने फिर चुनाव मैदान में उतरकर रिपब्लिकन उम्मीदवार पैटी गुस्टिन को हराया और बोर्ड में जगह बनाई। अब इलिनॉय विधानसभा का चुनाव जीतकर उन्होंने राज्य स्तर की राजनीति में कदम रखा है। उनके चुनाव अभियान में किफायती स्वास्थ्य सेवाएं, बेहतर शिक्षा और महंगाई से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। सबा का कहना है कि वह कामकाजी परिवारों की समस्याओं को राज्य की राजधानी स्प्रिंगफील्ड तक पहुंचाना चाहती हैं। उनकी यह जीत भारतीय मूल के समुदाय के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।UP

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