(प्रदीप कुमार): केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मल्टी लेवल कोऑपरेटिव सोसाइटी के गठन को मंजूरी दी गयी है। केंद्रीय कैबिनेट में डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और पीएम मुफ्त अनाज योजना का नाम बदलने का भी निर्णय लिया है। पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।कैबिनेट मीटिंग में 3 नए सहकारी संघों के गठन का फैसला लिया गया है।
कैबिनेट ने मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज (MSCS) अधिनियम, 2002 के तहत एक राष्ट्रीय स्तर की बहु-राज्य सहकारी जैविक सोसायटी की स्थापना को मंजूरी दी है। ये सोसायटी जैविक उत्पादों के एकत्रीकरण और उसके अलावा खरीदारी, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए एक होकर संगठन के रूप में कार्य करेगा। केंद्रीय कैबिनेट ने मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज (MSCS) अधिनियम, 2002 के तहत एक राष्ट्रीय स्तर की मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट सोसाइटी की स्थापना को मंजूरी दी है। केंद्र सरकार के इस फैसले से सहकारी समितियों के समावेशी विकास मॉडल के माध्यम से “सहकार-से-समृद्धि” के लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के मुताबिक इससे ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी। केंद्र सरकार के फैसले को किसान हितेषी बताते हुए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि इससे किसानों की सभी जरूरतें पूरी होंगी। भारत के ऑर्गेनिक प्रोडक्ट के दायरे को इंटरनेशनल लेवल का बनाने के लिए इसका निर्माण हुआ है। इसके साथ भारतीय सहकारी सीड को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इसके जरिए किसानों के बीज के लिए इसका उपयोग किया जाएगा।किसानों की सप्लाई चेन को ध्यान में रखते हुए उनकी सभी जरूरतों को पूरा किया जाएगा।
Read also: नेपाल के प्रधानमंत्री बनते ही प्रचंड ने भारत के खिलाफ दिखाया अपना रंग
कैबिनेट ने ‘रुपे डेबिट कार्ड’ और ‘भीम-यूपीआई’ के लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना को मंज़ूरी दी। इसके लिए 2,600 करोड़ रुपये मंज़ूर किए गए हैं। इस योजना के तहत, बैंकों को चालू वित्त वर्ष में रुपे और यूपीआई का उपयोग करके पॉइंट ऑफ सेल (PoS) यानी दुकानों पर लगी भुगतान मशीन और ई-कॉमर्स ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिये वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा। योजना के तहत वित्त वर्ष 2022-23 में रूपे क्रेडिट कार्ड और BHIM UPI के यूज पर लोगों को इंसेटिव्स दिए जाएंगे। ये इंसेटिव्स पर्सन टू मर्चेंट बेसिस पर मिलेंगे
योजना के तहत कम खर्च वाला और उपयोग के लिहाज से यूपीआई लाइट और यूपीआई 123 पे को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा मोदी कैबिनेट ने पीएम मुफ्त अनाज योजना का नाम बदलने का फैसला लिया है। अब से पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना कार्यक्रम का नाम होगा।कोविड महामारी के दौरान गरीबों को मुफ्त अनाज बांटने की शुरुआत अप्रैल 2020 में की गई थी।
Top Hindi News, Latest News Updates, Delhi Updates,Haryana News, click on Delhi Facebook, Delhi twitter and Also Haryana Facebook, Haryana Twitter. Total Tv App

