(प्रदीप कुमार)Deepfake Rule : डीपफेक कंटेंट पर पीएम मोदी के बयान के बाद केंद्र सरकार बेहद ही गंभीर रवैया अपना रही है। इस मुद्दे को लेकर हाल ही में सोशल मीडिया कंपनियों के साथ केंद्र सरकार की एक बैठक हुई है जिसके बाद कहा गया कि दिसंबर के पहले सप्ताह में डीपफेक के खिलाफ नया नियम लागू होगा। इसे लेकर टेक कंपनियों के साथ चर्चा हो रही है। इसको लेकर अब केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि डीपफेक जैसे कंटेंट की जांच के लिए एक अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी इस तरह के कंटेंट को मॉनिटर करेंगे और शिकायतों का तय समय में निपटारा करेंगे।
Read also-BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा की 105 वर्षीय बुआ के निधन पर ओम प्रकाश धनखड़ ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि
केंद्र में मंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने कहा है कि, आज हमने इंटरनेट की सभी प्रमुख कंपनियों के साथ एक लंबी बैठक की। हमने उनके साथ डीपफेक का मुद्दा उठाया है। मैंने उन्हें याद दिलाया कि अक्टूबर 2022 से ही भारत सरकार उन्हें गलत सूचना और डीपफेक के खतरे के प्रति सचेत कर रही है।राजीव चंद्रशेखर ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफार्मों को सूचित किया गया है कि आज से इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और भारत सरकार एक ‘सात नियम अधिकारी’ को नामित करेगी और सभी प्लेटफार्मों से 100% अनुपालन की अपेक्षा करेगी। बाल यौन शोषण कंटेंट के अलावा अब डीपफेक को भी बैन किया जाएगाकेंद्रीय मंत्री कहा कि सभी लोग इस बात पर सहमत हुए हैं कि आईटी अधिनियम के तहत मौजूदा आईटी नियम डीपफेक से निपटने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा कि देश का आईटी अधिनियम 23 साल पुराना है जिसका पालन करना टेक और सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फेक न्यूज को रोकना सोशल मीडिया कंपनियों का “कानूनी दायित्व” है। यदि किसी कंटेंट को लेकर शिकायत होती है तो शिकायत के 36 घंटे के भीतर उसे हटाना होगा। इसके अलावा इस तरह के कंटेंट को बैन भी करना होगा।
Top Hindi News, Latest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi Facebook, Delhi twitter and Also Haryana Facebook, Haryana Twitter. Total Tv App

