वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट में युवा मामले और खेल मंत्रालय के आवंटन में 1000 करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धि की गई। इसमें खेल सामग्री निर्माण क्षेत्र को बहुत लाभ हुआ है, क्योंकि उसको पहली बार 500 करोड़ रुपये का आवंटन मिला है।
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खेल मंत्रालय के लिए कुल बजट आवंटन 4479.88 करोड़ रुपये है जो 2025-26 के संशोधित आवंटन 3346.54 करोड़ रुपये से 1133.34 करोड़ रुपये अधिक है। राष्ट्रीय शिविरों के आयोजन और खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए सामग्री उपलब्ध कराने वाले भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के लिए आवंटित राशि को 880 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 917.38 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
देशभर के स्टेडियमों के रखरखाव और उनके उपयोग की जिम्मेदारी भी साइ की होती है। हालांकि राष्ट्रीय डोप परीक्षण प्रयोगशाला और राष्ट्रीय डोपिंग-विरोधी एजेंसी का बजट क्रमशः 28.55 करोड़ रुपये से घटाकर 23 करोड़ रुपये और 24.30 करोड़ रुपये से घटाकर 20.30 करोड़ रुपये कर दिया गया है। सीतारमण ने अपने बजट भाषण में उच्च गुणवत्ता वाले और किफायती खेल सामग्री के वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने की भारत की क्षमता पर जोर दिया और इस तरह से खेल मंत्री मनसुख मांडविया के दृष्टिकोण का समर्थन किया।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘‘मैं खेल सामग्री के लिए एक समर्पित पहल का प्रस्ताव करती हूं जिससे उपकरण डिजाइन के साथ-साथ खेल सामग्री के क्षेत्र में विनिर्माण, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।’’ अभी तक के बजट में खेल सामग्री क्षेत्र से संबंधित कोई प्रावधान नहीं था। खेल मंत्रालय ने इस आवंटन का स्वागत किया और कहा कि खेल सामग्री उद्योग के लिए समर्थन सुनिश्चित करने के लिए एक विस्तृत योजना बनाई जाएगी।
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इस पहल से ‘मेक इन इंडिया’ योजना के तहत देश में खेल सामग्री निर्माण करने वाले स्टार्टअप को बढ़ावा मिलने की संभावना है। सरकार के ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम के लिए 924.35 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। इसके लिए पिछले वर्ष आवंटित राशि 1000 करोड़ रुपये थी, लेकिन अंतिम व्यय 700 करोड़ रुपये रहा। राष्ट्रमंडल खेलों के लिए सहायता राशि इस वर्ष 28.05 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये कर दी गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 78 प्रतिशत की वृद्धि है। राष्ट्रमंडल खेल इस वर्ष जुलाई-अगस्त में ग्लासगो में होंगे।
वित्त मंत्री ने अगले दशक में प्रशिक्षण केंद्रों और प्रशिक्षकों के व्यवस्थित विकास पर ध्यान केंद्रित करने के लिए ‘खेलो इंडिया मिशन’ शुरू करने के प्रस्ताव रखा जिससे जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं की खोज के लिए सरकार के प्रमुख ‘खेलो इंडिया’ कार्यक्रम को बढ़ावा मिलेगा। सीतारमण ने कहा कि ये मिशन आपस में जुड़े विभिन्न माध्यमों से एकीकृत प्रतिभा विकास कार्यक्रम को सुगम बनाएगा। खेलो इंडिया कार्यक्रम 2017 में शुरू किया गया था और इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिभा पहचान के लिए सभी आयु वर्ग में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं का आयोजन करना था।
सीतारमण ने लोकसभा में अपने बजट भाषण के दौरान कहा, ‘‘खेल क्षेत्र रोजगार, कौशल विकास और नौकरी के अनेक अवसर प्रदान करता है। खेलो इंडिया कार्यक्रम से खेल प्रतिभाओं को निखारने की पहल को आगे बढ़ाते हुए, मैं अगले दशक में खेल क्षेत्र में आमूलचूल बदलाव करने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं।’’
