Chennai: उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु विधानसभा में 13 मई को हुए विश्वास मत में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच के अनुरोध वाली याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया।प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने इस याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए टिप्पणी की कि ये दावे की पुष्टि करने के लिए रिकॉर्ड पर बिना किसी विश्वसनीय सामग्री के ‘‘अस्पष्ट, अनर्गल और आरोपों’’ पर आधारित है। Chennai
Read Also: मुंबई में बेस्ट के कर्मचारी की अनिश्चितकालीन हड़ताल, वेतन वृद्धि समेत विभिन्न मागों को लेकर किया जोरदार प्रदर्शन
तमिलनाडु में 13 मई को, सी. जोसफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (डीएमके) के बहिर्गमन के बीच अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (एआईएडीएमके) के 25 बागी विधायकों के समर्थन से विश्वास मत हासिल कर एक बड़ी बाधा को पार कर लिया था। Chennai
Read Also: Share Market: अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद के बीच लगातार पांचवे दिन बढ़त के साथ बंद हुआ शेयर बाजार
टीवीके 234 सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर पाई थी, लेकिन विजय सरकार बनाने के लिए कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) से समर्थन प्राप्त करने में सफल रहे, जिससे 120 विधायकों को इकट्ठा कर 118 के आंकड़े को पार कर लिया।विपक्ष ने विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए थे जिन्हें मुख्यमंत्री विजय ने खारिज कर दिया था। Chennai
