Delhi: नई दिल्ली का हैदराबाद हाउस भारत और साइप्रस के मजबूत होते रिश्तों का गवाह बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत दौरे पर आए साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स के बीच आज एक बेहद महत्वपूर्ण और गहन द्विपक्षीय वार्ता हुई।भारत और साइप्रस के कूटनीतिक संबंधों में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। राजधानी दिल्ली के हैदराबाद हाउस में दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक साझेदारी को लेकर लंबी और गहरी बातचीत हुई। Delhi:
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इस बैठक में दोनों देशों ने न सिर्फ आपसी व्यापार और निवेश को दोगुना करने का संकल्प लिया, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ एक ऐतिहासिक समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। इसके अलावा, वैश्विक मंच पर जारी यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया के तनाव पर भी दोनों देशों ने खुलकर अपनी चिंता साझा की।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स ने व्यापार, निवेश, डिफेंस और टेक्नोलॉजी जैसे कई अहम क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की है।Delhi:
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इस मुलाकात की सबसे बड़ी हाइलाइट रही— आतंकवाद के खिलाफ दोनों देशों का एक सुर में आना। ‘काउंटर टेररिज्म’ यानी आतंकवाद से निपटने के लिए दोनों देशों के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण समझौता हुआ। इसके साथ ही साइबर सिक्योरिटी और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने पर भी सहमति बनी। दोनों देशों ने साफ कहा कि सीमा पार आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।पीएम मोदी ने कहा कि “आज हमने वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से बात की है। चाहे यूक्रेन का संकट हो या पश्चिम एशिया के हालात, भारत हमेशा से शांति, संवाद और कूटनीति के पक्ष में रहा है। हम इन संघर्षों के जल्द समाधान के प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे।“Delhi:
वहीं दूसरी तरफ, साइप्रस के राष्ट्रपति ने वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका की जमकर तारीफ की। साइप्रस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता के दावे का खुलकर समर्थन किया। दोनों नेताओं ने यह भी माना कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में वैश्विक संस्थाओं में सुधार बेहद जरूरी हो चुका है।भारत और साइप्रस के बीच हुए ये समझौते न केवल दोनों देशों के व्यापारिक हितों को बढ़ावा देंगे, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को भी एक नई दिशा देंगे। दोनों देशों के नेताओ की यह मुलाकात दोनों देशों के उज्ज्वल भविष्य का रोडमैप तैयार कर चुकी है।Delhi:
