Delhi: प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में बड़े निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत करते हुए बताया कि आज की बैठक में लिए गए फैसले देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी के भविष्य को बदल कर रख देंगे। केंद्रीय कैबिनेट के इन बड़े फैसलों में सबसे पहला और बड़ा तोहफा बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी यानी वाराणसी को मिला है। Delhi:
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वाराणसी शहर को ट्रैफिक और जाम की झंझट से पूरी तरह मुक्त करने के लिए सरकार ने एक अनोखा मॉडल तैयार किया है। शहर के कोर एरिया को डीकंजेस्ट करने के लिए वरुणा नदी के किनारे-किनारे 43.2 किलोमीटर लंबा फोर और सिक्स लेन एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। हाइब्रिड एन्युटी मोड (HAM) पर बनने वाले इस कॉरिडोर पर 10,998 करोड़ रुपये का निवेश होगा, जो अगले 4 वर्षों में बनकर तैयार होगा। यह कॉरिडोर वाराणसी एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, नमो घाट और संपूर्णानंद यूनिवर्सिटी को सीधे जोड़ेगा। इसके अलावा गंगा नदी के किनारे भी 14,448 करोड़ की लागत से एक अन्य एलिवेटेड कॉरिडोर को हरी झंडी दी गई है। Delhi:
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वाराणसी शहर हजारों वर्ष पुराना है, इसलिए वहां सड़कों को चौड़ा करना बेहद मुश्किल है। इसी को देखते हुए वरुणा नदी के साथ एलिवेटेड कॉरिडोर का एक नया कॉन्सेप्ट निकाला गया है। 11 हजार करोड़ का यह प्रोजेक्ट देश के अन्य पुराने शहरों के लिए एक मॉडल बनेगा।वही इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ सरकार ने डिजिटल इंडिया और टेक मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी एक और बड़ी छलांग लगाई है। कैबिनेट ने सेमीकंडक्टर 2.0 (Semicon 2.0) मिशन को मंजूरी दे दी है, जिसके लिए 1,27,500 करोड़ रुपये का भारी-भरकम वित्तीय आवंटन किया गया है।इसके साथ ही देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए 62,500 करोड़ रुपये की मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। Delhi:
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत के बढ़ते इकोसिस्टम को देखते हुए दुनिया की बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां अब भारत का रुख कर रही हैं।वही खेती-किसानी के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। कैबिनेट ने यूरिया के लिए नेशनल इन्वेस्टमेंट पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी है ताकि यूरिया के उत्पादन में भारत विदेशी निर्भरता को पूरी तरह खत्म कर सके।केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे विस्तार से जुड़े फैसले को भी मंजूरी दे दी है। पारादीप-हरिदासपुर रेल लाइन का दोहरीकरण और डांगोआपोसी-राजखरसवां के बीच चौथी रेल लाइन को कैबिनेट की मंजूरी मिल गयी है।कैबिनेट ने ओडिशा और झारखंड के चार जिलों को कवर करने वाली दो मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे भारतीय रेलवे के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 145 किलोमीटर की वृद्धि होगी इन परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत लगभग 3,907 करोड़ रुपये है और ये 2030-31 तक पूरी हो जाएंगी।”
साफ है कि इन फैसलों के जरिए सरकार ने न सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के केंद्र वाराणसी की सूरत बदलने का खाका तैयार किया है, बल्कि सेमीकंडक्टर और मोबाइल निर्माण जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में भारत को ग्लोबल हब बनाने की दिशा में भी मजबूत कदम बढ़ा दिए हैं। इन योजनाओं से आने वाले समय में लाखों नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
