Delhi Pollution: दिल्ली में बुधवार को हवा की गुणवत्ता बहुत खराब बनी रही। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 379 दर्ज किया गया, जो इसे ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रखता है। राजधानी के कई इलाकों में जब लोग सोकर उठे तो उन्हें धुंध और स्मॉग की मोटी परत दिखी। इससे पता चलता है कि एक बार फिर सर्दियों की शुरुआत के साथ प्रदूषण की स्थिति कितनी बिगड़ रही है। Delhi Pollution
विशेषज्ञों का मानना है कि खराब वायु गुणवत्ता के पीछे कई कारण हैं, जिनमें पराली जलाना, गाड़ियों से निकलने वाला धुआं, बिजली का उत्पादन और दिल्ली समेत उसके आसपास चलने वाली औद्योगिक गतिविधियां शामिल हैं।
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उन्होंने कम समय के अस्थाई उपायों की जगह दीर्घकालिक और स्थाई समाधान खोजने पर जोर दिया। मंगलवार को एक्यूआई 350 पर पहुंच गया और 10 निगरानी केंद्रों ने प्रदूषण का गंभीर स्तर दर्ज किया। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों जैसे संवेदनशील समूहों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ा दी है। Delhi Pollution
हवा की खराब होती गुणवत्ता को देखते हुए, ‘वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग’ ने सोमवार से पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर में ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ का दूसरा चरण यानी ग्रैप-2 लागू कर दिया है।
साथ ही सर्दियों में प्रदूषण को नियंत्रित रखने के उपायों के तहत, दिल्ली के बाहर पंजीकृत ऐसी गाड़ियों के राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है, जो बीएस-VI उत्सर्जन मानकों का पालन नहीं करती हैं। एनसीआर में कई निर्माण स्थलों पर धूल को कम करने के उपाय अपनाए गए हैं, जिनमें पानी का छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन लगाना शामिल है। दिवाली करीब आने के साथ विशेषज्ञ प्रदूषण और बढ़ने को लेकर चिंतित हैं।
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सुप्रीम कोर्ट ने कुछ खास दिनों पर और सीमित समय के लिए केवल ‘ग्रीन पटाखों’ के इस्तेमाल की मंजूरी दी है, लेकिन पर्यावरणविदों को इस पर संदेह है।
उनका तर्क है कि ग्रीन पटाखे भी वायु प्रदूषण में काफी हद तक योगदान देते हैं। इस बीच दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने प्रदूषण कम करने के उपायों के तहत लगभग 400 पार्किंगों पर पार्किंग शुल्क दोगुना वसूलना शुरू कर दिया है। इसका मकसद हवा की बिगड़ती गुणवत्ता के बीच निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करना है। Delhi Pollution
जैसे-जैसे दिल्ली दिवाली के लिए तैयार हो रही है, असली चुनौती ये देखना होगा कि क्या ये उपाय वास्तव में हवा की गुणवत्ता सुधारने में मदद करते हैं या फिर हर साल की तरह दिल्लीवासी पूरी सर्दियां जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर रहेंगे। Delhi Pollution
