HARYANA:मुख्यमंत्री बोले- तकनीक के दौर में शिक्षक की भूमिका और बढ़ी, शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर
HARYANA DESK, पंचकूला: शिक्षक दिवस के अवसर पर पंचकूला में राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्य अतिथि हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया और प्रदेश के सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षकों का काम केवल बच्चों को पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके व्यक्तित्व और भविष्य को आकार देने में भी शिक्षक की बड़ी भूमिका होती है। मुख्यमंत्री ने पूर्व राष्ट्रपति और महान शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए कहा कि उनके जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाना शिक्षा और शिक्षक के महत्व को सम्मान देने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज तकनीक तेजी से बदल रही है, लेकिन इससे शिक्षक की जरूरत कम नहीं हुई है। बल्कि बच्चों को सही दिशा देने, तकनीक का बेहतर इस्तेमाल सिखाने और उनमें मानवीय मूल्यों को मजबूत करने के लिए शिक्षक की जिम्मेदारी पहले से ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति ने पढ़ाई को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित रखने के बजाय समझ, कौशल, नवाचार और भारतीय मूल्यों से जोड़ने का रास्ता तैयार किया है।HARYANA
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मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ पढ़ाई के नए अवसरों पर भी काम कर रही है। उनके मुताबिक चालू वित्त वर्ष में स्कूल शिक्षा के लिए 18,538 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार करने के लिए मॉडल संस्कृत विद्यालयों की संख्या 218 तक पहुंचाई गई है, जबकि 250 PM SHRI स्कूलों को विकसित किया गया है। सरकारी रिकॉर्ड में भी हरियाणा के लिए 250 PM SHRI स्कूल दर्ज हैं और राज्य के स्कूलों में मॉडल संस्कृत स्कूलों की संख्या का आंकड़ा 218 है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 250 स्कूलों को CM-EEE स्कूलों के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया भी चल रही है। बच्चों की पढ़ाई के साथ खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 3,328 विद्यालयों में खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। गणित को बच्चों के लिए अधिक रुचिकर बनाने के उद्देश्य से हरियाणा गणित ओलंपियाड शुरू किया गया है। वहीं युवाओं में रोजगार और उद्यमिता की सोच विकसित करने के लिए कौशल बिजनेस चैलेंज जैसी पहल शुरू की गई है। एक विद्यालय को ‘स्कूल ऑफ एक्सीलेंस इन स्किल एजुकेशन’ के तौर पर विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए सुपर-100 और बुनियाद कार्यक्रमों को मजबूत करने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।HARYANA
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मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि शिक्षा में सुधार का असली लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब उसका लाभ बच्चों के सीखने और उनके भविष्य में दिखाई दे। उन्होंने बताया कि हरियाणा के निपुण कार्यक्रम को समझने के लिए
देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी प्रतिनिधि रुचि दिखा रहे हैं। बच्चों और उनके परिवारों को मुश्किल परिस्थितियों में सहायता देने के लिए वीर बाल मेमोरियल इनिशिएटिव योजना का प्रावधान किए जाने की बात भी उन्होंने रखी। शिक्षकों से जुड़े प्रशासनिक सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए नई शिक्षक स्थानांतरण नीति लागू की गई है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे बच्चों को सिर्फ अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनाने में भी योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा को शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की जिम्मेदारी सरकार के साथ शिक्षकों की भी है। उन्होंने शिक्षकों से अपने अनुभव और क्षमता का इस्तेमाल करते हुए विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की।HARYANA
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