Haryana: लुधियाना में आयोजित सम्मेलन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा- ‘पंजाब की इस ऐतिहासिक पवित्र भूमि पर आप सबके बीच आकर मुझे असीम शांति और ऊर्जा की अनुभूति हो रही है’। संत शिरोमणि कबीरदास जी महाराज के चरणों में कोटि-कोटि नमन और सबको उनके प्रकट दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं । कबीर साहेब का जीवन सत्य की खोज और असत्य के निर्भीक खंडन में बीता। उन्होंने सभी धर्मों की कुरीतियों और रूढ़ियों पर कड़ी चोट की। उनके प्रति हर धर्म के लोग श्रद्धाभाव रखते थे’ ।Haryana
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आगे अपने संबोधन में CM ने कहा – ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन अंगों में भी संत कबीर दास जी की वाणी को समान आदर और सम्मान दिया गया । संत कबीर जी ने जिस सामाजिक समानता की बात अपनी वाणी में की है, बाबा साहेब ने उसे भारत के पवित्र संविधान में पिरोकर हमें कानूनी अधिकार के रूप में सौंपा है। बाबा साहेब ने समाज को आगे बढ़ने के लिए जो त्रिसूत्र दिया था – ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो’ उसका हमें पालन करने की आवश्यकता है। हमने इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के सिद्धांत पर सरकार चलाई है। हमने हरियाणा में पिछले साढ़े 11 वर्षों में पारदर्शी शासन व्यवस्था स्थापित कर नौकरियों में ‘पर्ची और खर्ची’ के उस काले दौर को समाप्त किया है’। Haryana
‘हमने अनुसूचित जातियों के कल्याण के लिए ‘हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन किया है, साथ ही हमने हरियाणा में अनुसूचित जातियों को प्रथम व द्वितीय श्रेणी के पदों में 20 प्रतिशत आरक्षण प्रदान भी किया है।प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत 1 लाख 56 हजार मकान दिए गए है। ‘मुख्यमंत्री आवास योजना’ के तहत शहरों व गांवों में लगभग 28 हजार गरीब परिवारों को प्लॉट दिए गए है। हमारी सरकार केवल घोषणाएं नहीं करती, बल्कि परिणाम देती हैं। हरियाणा में हमने पिछले विधानसभा चुनावों के अपने संकल्प-पत्र के 217 में से 66 वादों को डेढ़ साल में ही पूरा कर दिखाया है’।
‘पंजाब में केवल विज्ञापन चलते हैं, विकास नहीं, पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाने के नाम पर ‘ठगा हुआ पंजाब’ बना दिया गया। पंजाब को केवल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया, लेकिन कभी स्थायी समाधान नहीं दिए गए हैं। धानक समाज हमेशा से अपनी कर्मठता, ईमानदारी और स्वाभिमान के लिए जाना जाता रहा है’।
‘आपके समाज ने देश के ताने-बाने को अपने हुनर से बुना है। आज जरूरत है कि हम संगठित होकर अपनी इस आंतरिक शक्ति को पहचानें।आखिर में CM सैनी ने अपने संबोधन में कहा- ‘हम संत कबीर दास जी दिखाए समरसता के मार्ग पर चलने और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के शिक्षा और संगठन के सिद्धांतों को आत्मसात करने का प्रयास करें’।
