International: ईरान और अमेरिका के बीच चल रही तनावपूर्ण स्थिति में शांति वार्ता की नई कोशिशें तेज हो गई हैं। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हलचल बढ़ी हुई है। ईरान के विदेश मंत्री पहुंच चुके हैं, लेकिन US के साथ सीधी बातचीत की संभावना अभी अनिश्चित बनी हुई है। US और ईरान के बीच युद्धविराम सीजफायर बढ़ा दिया गया है, लेकिन तनाव कम नहीं हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अनुरोध पर सीजफायर को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही ट्रंप ने दावा किया कि हॉर्मुज पर अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी जारी रखने का फैसला भी किया गया है।International
Read Also-Election: बंगाल के पहले फेज और तमिलनाडु चुनाव में स्क्रूटनी पूरी, कहीं भी नहीं होगा ‘पुनर्मतदान’
वही इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पहले ही पहुंच चुके हैं। अमेरिकी पक्ष से स्पेशल एन्वॉय स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर आज या कल पाकिस्तान रवाना हो रहे हैं। व्हाइट हाउस का कहना है कि ये “इन-पर्सन बातचीत” होगी।व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा-“US के राजदूत विटकॉफ और कुशनर ईरान बातचीत के लिए पाकिस्तान जाएंगे,वाइस प्रेसिडेंट स्टैंडबाय पर हैं।International
“वही ईरानी मीडिया और विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि सीधी बातचीत नहीं, बल्कि पाकिस्तानी मध्यस्थता के जरिए अप्रत्यक्ष वार्ता होगी। पाकिस्तान पहुंचे ईरान के विदेश मंत्री आराघची की आसिम मुनीर से मुलाक़ात भी हुई है। वही ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगई ने कहा है कि, “अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। हम अपनी शर्तों पर चर्चा कर रहे हैं।”International
Read Also-kerlam: वडक्कुनाथन मंदिर में ‘विलंबरम’ के साथ त्रिशूर पूरम उत्सव की हुई शुरुआत
अमेरिका ने दो मुख्य शर्तें रखी हैं – हॉर्मुज को पूरी तरह खोलना और ईरानी टीम को पूर्ण अधिकार के साथ बातचीत की मेज पर आना। इससे पहले भी उस ईरान के बीच एक दौर की बातचीत इस्लामाबाद में हो चुकी है लेकिन कोई ठोस समझौता नहीं हो सका। न्यूक्लियर प्रोग्राम, मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दे मुख्य अड़चन बने हुए हैं।
ईरान अमेरिकी प्रस्तावों को “अवास्तविक” बता रहा है, जबकि अमेरिका दावा कर रहा है कि ईरानी सैन्य क्षमता काफी हद तक कमजोर हो चुकी है। ट्रंप ने कहा, “हम जल्दबाजी नहीं कर रहे। अगर ईरान डील करता है तो वह फिर से मजबूत देश बन सकता है, वरना परिणाम भुगतने पड़ेंगे।”बहरहाल US-ईरान सीधी बातचीत पर अगले 24-48 घंटों में स्थिति साफ हो सकती है।International
