मेटा का बड़ा ऐलान, रिलायंस-मेटा की साझेदारी से जामनगर में बनेगा 168 मेगावाट का डेटा सेंटर

Delhi:

Delhi: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड और मेटा प्लेटफॉर्म्स ने गुजरात के जामनगर में 168 मेगावाट क्षमता वाला डेटा सेंटर विकसित करने के लिए साझेदारी की है। इसे दो सालों के अंदर तैयार किया जाएगा। ये जानकारी बुधवार को जारी एक संयुक्त बयान में दी गई।बयान के मुताबिक, ये भारत में मेटा के लिए पहला ‘बिल्ट-टू-सूट’ डेटा सेंटर होगा। ये भारत के वैश्विक एआई अवसंरचना केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।बयान में कहा गया है, ‘‘रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड 168 मेगावाट क्षमता का डेटा सेंटर विकसित करेगी, जिसे दो वर्ष में पूरा किया जाएगा। इसे आगे बढ़ाने का विकल्प भी होगा। मेटा इस सुविधा से क्षमता पट्टे (लीज) पर लेगी।’Delhi: 

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ये डेटा सेंटर नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित होगा और समुद्री जल के लवण हटाकर (डिसैलिनेशन) इसका शीतलन किया जाएगा।बयान में कहा गया कि मेटा प्लेटफॉर्म्स भारत में दो प्रमुख स्वच्छ ऊर्जा प्रदाताओं क्लीनमैक्स और फोर्थ पार्टनर एनर्जी के साथ भी साझेदारी कर रही है। इससे करीब एक गीगावाट (1000 मेगावाट) नवीकरणीय ऊर्जा को समर्थन मिलेगा।रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा, ‘‘मेटा के साथ ये साझेदारी भारत के डिजिटल अवसंरचना क्षेत्र के लिए एक परिवर्तनकारी क्षण है। Delhi: 

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मेटा जैसी वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनी के लिए भारत का पहला ‘बिल्ट-टू-सूट’ डेटा सेंटर बनाना इस बात का प्रमाण है कि भारत वैश्विक एआई क्रांति में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जामनगर हाइपरस्केल एआई कंप्यूटिंग का एक प्रमुख केंद्र बनेगा और इस दृष्टि को साकार करने के लिए मेटा के साथ साझेदारी पर हमें गर्व है।’’मेटा ने 2020 में जियो प्लेटफ़ॉर्म्स में 5.7 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश किया था। बयान में कहा गया है कि ये डेटा सेंटर मेटा के वैश्विक अवसंरचना की जरूरतों को पूरा करेगा और उसके मुख्य कारोबार और एआई कंप्यूटिंग आवश्यकताओं का समर्थन करेगा, जो वैश्विक डिजिटल और एआई परिवेश में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

ये परियोजना भारत में हाइपरस्केल एआई अवसंरचना के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज को ‘एकल-खिड़की’ समाधान प्रदाता के रूप में स्थापित करती है।बयान के अनुसार, गुजरात का यह स्थान बड़े डेटा सेंटर संचालन के लिए कई लाभ प्रदान करता है जिनमें आपूर्ति क्षमता, नवीकरणीय ऊर्जा, जल उपलब्धता, पश्चिमी तट के समुद्री केबल लैंडिंग स्टेशन के नजदीक होना और जियो के व्यापक फाइबर नेटवर्क से जुड़ाव शामिल है।

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