भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी को आज नई ऊंचाई मिली है। जापान की पीएम सनाए ताकाइची अपनी पहली आधिकारिक भारत यात्रा पर है। राष्ट्रपति भवन में उन्हें औपचारिक स्वागत के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका भव्य स्वागत किया। हैदराबाद हाउस में दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण समझौतों पर मुहर लगी है।
भारत दौरे पर आई जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची को आज राष्ट्रपति भवन में पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री ताकाइची का स्वागत किया।इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके साथ मौजूद रहे। तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचीं ताकाइची को गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की टुकड़ियों ने सलामी दी।
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जापान की प्रधानमंत्री की यह यात्रा 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन का हिस्सा है, जिसमें दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
इसके बाद दोनों प्रधानमंत्रियों ने हैदराबाद हाउस में विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता की। चर्चा के प्रमुख मुद्दे – रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, व्यापार एवं निवेश, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिटिकल मिनरल्स, एनर्जी रेजिलिएंस और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता रहे है।
पीएम मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची को बहन बताते हुए जापान के साथ भारत के रिश्तों को बेहद मजबूत बताया है,साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने मौजूदा वैश्विक अनिश्चिता का जिक्र भी किया है। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना बड़ा भाई बताते हुए जापान और भारत के रिश्ते को भाई-बहन का रिश्ता बताया और इन रिश्तों की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि दोनों देश परस्पर हितों से जुड़े अपने संबंधों को लगातार मजबूत कर रहे हैं।
दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। दोनों नेताओं ने कहा है कि इन समझौतों से दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक संबंध और गहरे होंगे। प्रमुख समझौते- दोनों देशों के बीच रक्षा एवं समुद्री सुरक्षा सहयोग बढ़ाना ,सेमीकंडक्टर और सप्लाई चेन रेजिलिएंस, AI, फार्मास्यूटिकल्स और क्लीन एनर्जी में साझेदारी समझौते शामिल है।
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जापान की प्रधानमंत्री की यह यात्रा 16वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन का हिस्सा है, जिसमें दोनों देशों के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया है। वहीं विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा है कि जापान की प्रधानमंत्री की भारत यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करेगी।
बहरहाल, भारत और जापान एशिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं हैं और यह साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के इस दौरे को दोनों देशों के बीच ‘नए अध्याय’ की शुरुआत माना जा रहा है।
