Imphal Protest: शनिवार को जेएसी यानी ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने मणिपुर की राजधानी इंफाल में अपना धरना-प्रदर्शन तेज कर दिया। साथ ही उन्होंने मणिपुर सरकार से लापता लैशराम कमलबाबू सिंह का पता लगाने की कोशिशें तेज करने की अपील की। कमलबाबू 25 नवंबर से लेइमाखोंग सैन्य स्टेशन से लापता हैं। वे एक ठेकेदार के लिए कार्य पर्यवेक्षक के तौर पर काम करते थे।
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जेएसी सदस्यों के मुताबिक मणिपुर में प्रमुख नागरिक समाज संगठनों के नेताओं के साथ एक बैठक भी बुलाई गई। इस बैठक में राज्य सरकार से पांच दिनों के भीतर मामले पर कैबिनेट स्तर का फैसला लेने का अनुरोध करने का संकल्प लिया गया।जेएसी सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि अगर असम के कछार जिले के मूल निवासी और वर्तमान में लोइतांग खुनौ में रह रहे लैशराम कमलबाबू सिंह का पता नहीं चलता है, तो वे लेइमाखोंग से 57 माउंटेन डिवीजन को हटाने के लिए दबाव डालेंगे।
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मणिपुर के समाज कल्याण मंत्री हेइखम डिंगो ने शुक्रवार को ऐलान किया कि कथित तौर पर लेइमाखोंग सैन्य स्टेशन से लापता हुए लैशराम कमलबाबू सिंह से जुड़े सभी दस्तावेज प्रधानमंत्री कार्यालय के साथ-साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालयों को सौंप दिए गए हैं।
