Madhya Pradesh: नर्मदापुरम के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में हर सुबह युवाओं का एक समूह वन रक्षकों के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा में मदद करने के लिए निकलता है। वॉकी-टॉकी, जीपीएस ट्रैकर और आत्मरक्षा के लिए लाठियों से लैस ये युवा रिजर्व की ‘टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स’ का हिस्सा हैं। इस फोर्स को शिकार-रोधी अभियानों में वन अधिकारियों की मदद के लिए बनाया गया था।Madhya Pradesh
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10 सदस्यों वाली हर टीम रोजाना पैदल लगभग 20 से 25 किलोमीटर का रास्ता तय करती है और टाइगर रिजर्व में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देती है। अधिकारियों का कहना है कि ‘टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स’ को इलाके की अच्छी जानकारी होने से गश्त का दायरा दूर-दराज और संवेदनशील इलाकों तक बढ़ गया है, जहां पहले वन विभाग के कर्मचारी नहीं पहुंच पाते थे।Madhya Pradesh
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इस प्रोजेक्ट में शामिल स्थानीय युवाओं के लिए, इस पहल ने न केवल जंगल और वहां के वन्यजीवों की सुरक्षा करना संभव बनाया है, बल्कि टिकाऊ आजीविका में भी मदद की है। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में, हाल ही में बनी टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स स्थानीय समुदायों की भागीदारी बढ़ाने, वन संरक्षण को मजबूत करने और इलाके के लोगों के लिए टिकाऊ आजीविका के मौके पैदा करने में अहम भूमिका निभा रही है।Madhya Pradesh
