Madhya Pradesh: भोजशाला को मंदिर घोषित किए जाने के बाद लगा श्रद्धालुओं का तांता

Madhya Pradesh:

Madhya Pradesh: धार के विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर घोषित किए जाने के फैसले के अगले दिन शनिवार को इस मध्यकालीन स्मारक में श्रद्धालुओं का तांता लग गया और वे पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे। फूल-मालाएं लेकर पहुंचे श्रद्धालुओं को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (SSI) के संरक्षित इस स्मारक में सरस्वती वंदना और मंत्रोच्चार करते देखा गया।Madhya Pradesh

Read Also-Kerlam: सन्नी जोसेफ ने कहा ‘मंत्रिपद को लेकर बातचीत संतोषजनक ढंग से आगे बढ़ रही है’

श्रद्धालुओं में शामिल युवक गोकुल नागर ने कहा, ‘‘हमने यह दिन देखने के लिए कई साल संघर्ष किया है। हम बहुत खुश हैं कि अब हम हर दिन भोजशाला में पूजा-अर्चना कर सकेंगे, जबकि पहले हमें केवल मंगलवार को इसका मौका मिलता था।’’एक अन्य श्रद्धालु संजय ने बताया कि वह वाग्देवी की एक तस्वीर को भोजशाला में स्थापित करने की इच्छा के साथ उसे स्मारक में ले जा रहे थे, लेकिन अधिकारियों ने यह कहते हुए उन्हें रोक दिया कि इस विषय में एएसआई के नियम-कायदे अभी तय किए जाने बाकी हैं।Madhya Pradesh

उन्होंने कहा कि वह विवादित स्मारक की कानूनी स्थिति को समझते हैं और भोजशाला परिसर में एएसआई अधिकारियों के निर्देशों का पालन करेंगे। इंदौर ग्रामीण रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) मनोज कुमार सिंह ने बताया कि धार में हालात शांतिपूर्ण हैं और श्रद्धालु भोजशाला में दर्शन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धार में 1,200 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने शुक्रवार को अपने फैसले में भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर की धार्मिक प्रकृति वाग्देवी (सरस्वती) मंदिर के रूप में निर्धारित की।Madhya Pradesh

Read Also-दिल्ली के मेयर ने कहा- ‘गाजीपुर साइट 2027 के आखिर तक साफ हो जाएगी’

अपने 242 पृष्ठों के फैसले में उच्च न्यायालय ने एएसआई के सात अप्रैल 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया जिसमें मुस्लिमों को हर शुक्रवार इस परिसर में नमाज अदा करने की इजाजत दी गई थी। इस आदेश में हिंदुओं को केवल मंगलवार को स्मारक में पूजा-अर्चना की अनुमति दी गई थी।

मुस्लिम पक्ष ने घोषणा की है कि वह उच्च न्यायालय के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती देगा। हिंदू पक्ष के एक याचिकाकर्ता की तरफ से उच्चतम न्यायालय में ‘कैविएट’ दाखिल की गई है जिसमें अनुरोध किया गया है कि भोजशाला विवाद मामले में उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ किसी भी अपील पर कोई भी आदेश उसका पक्ष सुने बिना पारित नहीं किया जाए।Madhya Pradesh

Top Hindi NewsLatest News Updates, Delhi Updates, Haryana News, click on Delhi FacebookDelhi twitter and Also Haryana FacebookHaryana Twitter

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *